हरियाणा में उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज में ड्रग्स के उपयोग और सप्लाई को रोकने के लिए व्यापक एक्शन प्लान लागू किया जाएगा। यह निर्णय राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की बैठक और केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद लिया गया है। कॉलेजों में सेमिनार, वर्कशॉप, रैली और पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही छात्रों और अभिभावकों से अंडरटेकिंग भी ली जाएगी। उच्चतर शिक्षा विभाग का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से बचाना और शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह ड्रग-फ्री बनाना है, ताकि भविष्य की पीढ़ी सुरक्षित और उत्पादक बन सके।
नई व्यवस्था के तहत हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी के आसपास 500 मीटर का दायरा ‘ड्रग-फ्री जोन’ घोषित किया जाएगा। इस क्षेत्र में नशे से जुड़ी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। अब जानिए ड्रग-फ्री जोन के क्या रहेगी पहल…


