तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा चढ़ा हुआ है। चुनाव प्रचार खत्म होने में अब करीब 8 दिन का समय बचा है, लेकिन इसी बीच तमिलगा वेत्री कजगम के प्रमुख और अभिनेता विजय द्वारा अपने कई कार्यक्रम रद्द करने से सवाल खड़े होने लगे हैं।
लगातार रद्द हो रहे विजय के कार्यक्रम
विजय इस चुनाव में दो सीटों, पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, से मैदान में हैं। 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कुछ क्षेत्रों में प्रचार किया, लेकिन उसके बाद से उनके कई अहम कार्यक्रम रद्द हो चुके हैं। विल्लीवाक्कम में पुलिस सुरक्षा में चूक का हवाला देकर कार्यक्रम रद्द किया गया।
टी नगर और विल्लीवाक्कम में समय की कमी बताकर रोड शो नहीं किया गया। कुड्डालोर और तिरुवल्लूर में 9, 11 और 13 अप्रैल को होने वाली बैठकें और कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए। पार्टी ने इन अचानक लिए गए फैसलों के पीछे की कोई ठोस वजह आधिकारिक तौर पर साझा नहीं की है।
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विरोधियों के निशाने पर विजय
विजय के रैलियों से दूरी बनाने पर सत्तारूढ़ DMK ने उन पर तीखा हमला बोला है। DMK नेताओं का कहना है कि विजय जमीन पर उतरने के बजाय घर बैठे ही चुनाव लड़ना चाहते हैं।
उदयनिधि स्टालिन का तंज
राज्य के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा, ‘जहां कुछ नेता जनता से जुड़ने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं, वहीं कुछ नेता रुक-रुककर (किस्तों में) प्रचार कर रहे हैं।’
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प्रचार का दबाव
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, AIADMK के पलानीस्वामी और NTK के सीमान राज्यभर में धुआंधार रैलियां कर रहे हैं, वहीं विजय के पीछे हटने से TVK कार्यकर्ताओं पर दबाव बढ़ गया है। चुनाव प्रचार की समय सीमा खत्म होने से पहले विजय को अभी कई जिलों का दौरा करना है, लेकिन लगातार रद्द हो रहे कार्यक्रमों ने उनकी चुनावी रणनीति पर सस्पेंस बना दिया है।


