धनबाद में फैक्ट्री कर्मी की मौत पर बवाल:दो माह पहले ड्यूटी के दौरान हुआ था घायल, हालत बिगड़ने पर वेल्लोर रेफर

धनबाद में फैक्ट्री कर्मी की मौत पर बवाल:दो माह पहले ड्यूटी के दौरान हुआ था घायल, हालत बिगड़ने पर वेल्लोर रेफर

धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भितिया स्थित श्री खाटु श्याम जी सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में कार्यरत एक कर्मी की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक की पहचान भितिया गांव निवासी 53 वर्षीय सुरेश राम महतो के रूप में हुई है। वह कंपनी में वेल्डर के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, करीब दो माह पहले ड्यूटी के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। वेल्लोर से लौटने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर स्थित अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजनों ने बताया कि वेल्लोर में भी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, जिसके बाद वे सुरेश राम महतो को लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वे शव को लेकर सीधे फैक्ट्री गेट पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी की लापरवाही के कारण ही कर्मी की जान गई है। परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन से उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। साथ ही फैक्ट्री मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर भी अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए बरवाअड्डा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। देर तक गेट पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि प्रशासन और प्रबंधन के बीच बातचीत की कोशिश जारी रही। धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भितिया स्थित श्री खाटु श्याम जी सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में कार्यरत एक कर्मी की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक की पहचान भितिया गांव निवासी 53 वर्षीय सुरेश राम महतो के रूप में हुई है। वह कंपनी में वेल्डर के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, करीब दो माह पहले ड्यूटी के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। वेल्लोर से लौटने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर स्थित अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजनों ने बताया कि वेल्लोर में भी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, जिसके बाद वे सुरेश राम महतो को लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वे शव को लेकर सीधे फैक्ट्री गेट पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी की लापरवाही के कारण ही कर्मी की जान गई है। परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन से उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। साथ ही फैक्ट्री मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर भी अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए बरवाअड्डा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। देर तक गेट पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि प्रशासन और प्रबंधन के बीच बातचीत की कोशिश जारी रही।  

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