रांची यूनिवर्सिटी में वोकेशनल कोर्स की करीब 50 करोड़ रुपए को निजी बैंकों में जमा करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय में संचालित दर्जन भर से अधिक वोकेशनल कोर्स से विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर यह राशि छात्रों से लिए गए शुल्क के रूप में जमा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस फंड को दो निजी बैंकों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इसका वोकेशनल कोर्स के शिक्षक और छात्र विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि प्रभारी कुलपति के कार्यकाल में इस तरह के बड़े वित्तीय फैसले नहीं लिए जाने चाहिए। लोकभवन के निर्देश के अनुसार प्रशासन को सिर्फ रूटीन कार्यों तक सीमित रहना चाहिए। वहीं, विवि अधिकारियों का तर्क है कि पूर्व में जिन सरकारी बैंकों में राशि जमा थी, उसमें से दो बैंकों में राशि रखने पर सरकार द्वारा रोक लगने के कारण अब इसे निजी बैंकों में शिफ्ट किया जा रहा है। रांची यूनिवर्सिटी में वोकेशनल कोर्स की करीब 50 करोड़ रुपए को निजी बैंकों में जमा करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय में संचालित दर्जन भर से अधिक वोकेशनल कोर्स से विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर यह राशि छात्रों से लिए गए शुल्क के रूप में जमा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस फंड को दो निजी बैंकों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इसका वोकेशनल कोर्स के शिक्षक और छात्र विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि प्रभारी कुलपति के कार्यकाल में इस तरह के बड़े वित्तीय फैसले नहीं लिए जाने चाहिए। लोकभवन के निर्देश के अनुसार प्रशासन को सिर्फ रूटीन कार्यों तक सीमित रहना चाहिए। वहीं, विवि अधिकारियों का तर्क है कि पूर्व में जिन सरकारी बैंकों में राशि जमा थी, उसमें से दो बैंकों में राशि रखने पर सरकार द्वारा रोक लगने के कारण अब इसे निजी बैंकों में शिफ्ट किया जा रहा है।


