बेतिया बाजार समिति के मुख्य द्वार पर शनिवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित किसानों ने कृषि उत्पाद समिति का गेट बंद कर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि लगभग चार वर्ष पहले बाजार समिति परिसर में निर्माण कार्य शुरू होने के कारण उन्हें अस्थायी रूप से हरीवाटिका स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में स्थानांतरित किया गया था। उस समय किसानों को आश्वासन दिया गया था कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें वापस बाजार समिति परिसर में व्यवस्थित जगह दी जाएगी। महायज्ञ के आयोजन के कारण किसानों को वहां से भी हटना पड़ा हाल ही में शिव मंदिर प्रांगण में महायज्ञ के आयोजन के कारण किसानों को वहां से भी हटना पड़ा। जब किसान वापस अपने पुराने कृषि बाजार समिति परिसर में पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि नए भवनों के आसपास की खाली जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इस स्थिति ने किसानों के आक्रोश को और बढ़ा दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले ही अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को सूचित किया था। एसडीओ ने 9 अप्रैल तक बाजार समिति परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नोटिस भी जारी किया था। हालांकि, किसानों का आरोप है कि इस नोटिस के बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। किसानों ने गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया इस स्थिति के कारण किसानों ने गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर डीसीएलआर बेतिया मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अतिक्रमण हटाकर किसानों के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। बेतिया बाजार समिति के मुख्य द्वार पर शनिवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित किसानों ने कृषि उत्पाद समिति का गेट बंद कर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि लगभग चार वर्ष पहले बाजार समिति परिसर में निर्माण कार्य शुरू होने के कारण उन्हें अस्थायी रूप से हरीवाटिका स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में स्थानांतरित किया गया था। उस समय किसानों को आश्वासन दिया गया था कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें वापस बाजार समिति परिसर में व्यवस्थित जगह दी जाएगी। महायज्ञ के आयोजन के कारण किसानों को वहां से भी हटना पड़ा हाल ही में शिव मंदिर प्रांगण में महायज्ञ के आयोजन के कारण किसानों को वहां से भी हटना पड़ा। जब किसान वापस अपने पुराने कृषि बाजार समिति परिसर में पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि नए भवनों के आसपास की खाली जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इस स्थिति ने किसानों के आक्रोश को और बढ़ा दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले ही अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को सूचित किया था। एसडीओ ने 9 अप्रैल तक बाजार समिति परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नोटिस भी जारी किया था। हालांकि, किसानों का आरोप है कि इस नोटिस के बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। किसानों ने गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया इस स्थिति के कारण किसानों ने गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर डीसीएलआर बेतिया मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अतिक्रमण हटाकर किसानों के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।


