हनुमानगढ़ में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत लंबित भुगतान को लेकर दवा व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने शनिवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग की। एसोसिएशन के सचिव महेंद्र कासनिया ने बताया कि जिले में लगभग 1986 खुदरा और थोक दवा विक्रेता हैं। इनमें से 88 मेडिकल स्टोर आरजीएचएस योजना के तहत मरीजों को दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इन विक्रेताओं को पिछले नौ महीनों से नाममात्र का ही भुगतान मिला है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। कासनिया ने यह भी बताया कि केमिस्टों को दोहरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर सरकार से भुगतान में देरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर पेंशनभोगियों को समय पर दवाएं न मिलने के कारण वे केमिस्टों की शिकायत कर रहे हैं। इससे अनावश्यक जांच का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन के अनुसार, बकाया राशि करोड़ों रुपए तक पहुंच गई है, जिसका सीधा असर दवा आपूर्ति व्यवस्था पर दिख रहा है। खुदरा विक्रेताओं को थोक विक्रेताओं से 21 से 30 दिनों का क्रेडिट मिलता है, जबकि थोक विक्रेताओं को कंपनियों से केवल 7 से 15 दिन का क्रेडिट मिलता है। भुगतान में देरी से पूरी आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है। दवा व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो दवाओं की उपलब्धता और अधिक प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। एसोसिएशन ने मांग की है कि आरजीएचएस के तहत सभी लंबित भुगतान तुरंत जारी किए जाएं और भविष्य में समयबद्ध भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर पवन सिंगला, बलकरण ढिल्लों, अजय बंसल, पप्पू गोयल, प्रहलाद हिसारिया, जगजीत सिडाना, अरविंद चराया, सुभाष नोखवाल और मोहनलाल सहित कई दवा विक्रेता मौजूद थे।


