NHM कर्मचारियों का फिर आंदोलन का ऐलान? 12 अप्रैल की बैठक पर टिकी नजरें, कुछ मांगें अभी भी अधूरी..!

NHM कर्मचारियों का फिर आंदोलन का ऐलान? 12 अप्रैल की बैठक पर टिकी नजरें, कुछ मांगें अभी भी अधूरी..!

NHM employees strike Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी एक बार फिर हड़ताल की राह पर जा सकते हैं। लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। संघ ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन फिर से तेज किया जाएगा।

NHM employees strike Chhattisgarh: प्रदेश स्तरीय बैठक में बनेगी रणनीति

छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ की महत्वपूर्ण बैठक 12 अप्रैल को रायपुर के आमापारा में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रदेशभर से कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में लंबित मांगों की स्थिति, सरकार की भूमिका और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पहले भी कर चुके हैं लंबी हड़ताल

गौरतलब है कि NHM कर्मचारियों ने नियमितीकरण, ग्रेड पे, अनुकम्पा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति और मेडिकल अवकाश सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक महीने से अधिक समय तक हड़ताल की थी। उस दौरान सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था।

समिति बनी, लेकिन नहीं निकला समाधान

कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए विभाग स्तर पर एक समिति का गठन भी किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। इसी वजह से कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर

NHM के तहत प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होती हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ इसी मिशन के तहत सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में हड़ताल होने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

घोषणा पत्र के वादों पर भी चर्चा

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में भाजपा के घोषणा पत्र में किए गए वादों, खासकर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान से जुड़े बिंदुओं पर भी चर्चा होगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार अपने वादों पर अमल करेगी।

निर्णायक साबित हो सकती है बैठक

12 अप्रैल की यह बैठक NHM कर्मचारियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इसमें तय होने वाली रणनीति से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कर्मचारी दोबारा हड़ताल पर जाएंगे या सरकार के साथ बातचीत का रास्ता अपनाएंगे।

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