90 Degree bridge : मध्य प्रदेश के भोपाल में बने 90 डिग्री वाले ऐशबाग ओवरब्रिज (Aishbagh Overbridge) ने पिछले साल पूरे देश में काफी सुर्खियां बटोरी थी। सोशल मीडिया पर ये ओवरब्रिज जमकर ट्रोल किया गया और इसपर कई मीम्स भी बनाए गए थे। हालांकि, ताजा आई अपडेट के अनुसार, इस ओवरब्रिज को जल्द ही री-डिजाइन कर आम जनता के लिए खोला जाएगा।
एक उच्चस्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) और रेलवे के बीच चल रही खींचतान को खत्म किया गया और ओवरब्रिज के री-डिजाइन को सहमति दे दी गई। बता दें कि पीडब्ल्यूडी और रेलवे के बीच लंबे समय से ब्रिज के डिजाइन को लेकर मतभेद बने हुए थे। इसमें सबसे रोचक बात ये है कि जिस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इस ब्रिज को बनाया वही कंपनी इसका री डिजाइन भी करेगी। (MP news)
इस तरह री-डिजाइन होगा ऐशबाग ओवरब्रिज
रेलवे और पीडब्लूडी की मीटिंग में फैसला लिया गया कि ओवरब्रिज के रेडियस को बढ़ाकार 2.5 मीटर किया जाएगा जो वर्तमान में 2 मीटर है। ऐसा करने से ब्रिज की चौड़ाई साढ़े 8 मीटर से बढ़कर 10.5 या 11 मीटर के आसपास पहुंच जाएगी। पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों की माने तो री-डिजाइन के बाद ब्रिज के मोड़ से भारी और सभी प्रकार के वाहन आराम से गुजर सकेंगे। इस ओवरब्रिज का नया डिजाइन रेलवे द्वारा अगले हफ्ते की शुरुआत में मिल जाएगा। ये मिल जाने के करीब चार से पांच दिन के बाद री-डिजाइन का कार्य शुरू किया जाएगा। इससे काम में समन्वय बना रहेगा और समय पर सुधार पूरा होने की उम्मीद है।
मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण आ रही थी दिक्कत
ओवरब्रिज की जांच में ये भी पाया गया था कि इसके पास से मेट्रो लाइन भी गुजर रही है। इसी कारण ऐशबाग ओवरब्रिज का रेडियस बढ़ाने को लेकर विवाद हो गया था। इस कारण भी ब्रिज के नए डिजाइन को बनाने में भी देरी हुई। हालांकि, अब रेलवे और लोक निर्माण विभाग के बीच समन्वय की स्थिति बन चुकी है और बहुत जल्द इस ब्रिज को री-डिजाइन के बाद खोला जाने वाला है।
ऐशबाग ओवरब्रिज की टाइमलाइन
- 18 करोड़ रुपए में बना से 648 मीटर लंबा ओवरब्रिज।
- जून 2025- उद्घाटन से पहले ब्रिज के डिजाइन को लेकर शुरू हुआ विवाद। लोगों ने खतरनाक 90 डिग्री कोण वाले मोड़ में दुर्घटना की जताई आशंका। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ब्रिज का फोटो-वीडियो।
- नेताओं और अधिकारियों के बयान से मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ गया। अधिकारियों ने कहा कि जगह की कमी और मेट्रो स्टेशन की वजह से ऐसा डिजाइन जरूरी था।
- मामला बढ़ने पर तकनीकी जांच बैठाई गई। विशेषज्ञों ने डिजाइन में खामियां बताईं, जिसके बाद कुछ इंजीनियरों पर कार्रवाई हुई।
- सरकार ने फैसला लिया कि सीधे 90 डिग्री मोड़ की जगह लंबा कर्व जोड़ा जाएगा। बिना सुधार के ब्रिज शुरू न करने का निर्णय लिया गया।
- मामले में हाईकोर्ट की एंट्री हुई। कोर्ट ने पूरे प्रोजेक्ट के जांच के आदेश दिए और मैनिट भोपाल (MANIT) के प्रोफसरों से भी रिपोर्ट मांगी गई।
- जांच रिपोर्ट में दो चीजें सामने आई। पहली की ब्रिज का मोड़ 90 डिग्री नहीं बल्कि 118 से 119 डिग्री का है। दूसरा विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण ब्रिज के डिजाइन में गलती हुई।
- सीएम डॉ. मोहन यादव ने मामले में सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी और सुरक्षा सुधार के बाद ही ब्रिज जनता के लिए खोला जाएगा।
- अब पीडब्लूडी और रेलवे बीच चली कई दौर की बैठों के बाद उनका विवाद सुलझ गया है। ब्रिज के नए डिजाइन को अनुमति मिल गई है। (MP news)


