Gold Price Outlook: सोने की कीमतों में आ रही तेजी, क्या यह गोल्ड खरीदने का सही वक्त है? एक्सपर्ट्स से समझिए

Gold Price Outlook: सोने की कीमतों में आ रही तेजी, क्या यह गोल्ड खरीदने का सही वक्त है? एक्सपर्ट्स से समझिए

Gold Price Outlook: यह हफ्ता सोने की कीमतों के नजरिए से पॉजिटिव रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में युद्धविराम की बातचीत शुरू हुई है। साथ ही महंगाई से जुड़ी चिंताओं में थोड़ी नरमी आई। इन दोनों खबरों ने सोने की कीमतों को सपोर्ट किया है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर सोना इस हफ्ते 1,52,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ है। इससे पिछले शुक्रवार को यह 1,49,650 रुपये पर था। यानी इस हफ्ते सोने में करीब 2% की बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर भी सोना 4,787.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। यह हफ्तेभर में लगभग 3% की छलांग है।

2 कारणों से आई सोने में तेजी

सोने की यह तेजी मुख्य रूप से दो कारणों से आई है। पहला- अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीद। जब भी दुनिया में तनाव कम होता है, बाजार को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटा सकता है। और जब यह उम्मीद बनती है, तो डॉलर कमजोर होता है। डॉलर कमजोर हो, तो सोना मजबूत होने लगता है। यह डॉलर और गोल्ड का पुराना रिश्ता है। High Ridge Futures के मेटल्स ट्रेडिंग डायरेक्टर डेविड मेगर ने रॉयटर्स को बताया कि मध्य-पूर्व में तनाव घटने से ब्याज दर कटौती की उम्मीद बढ़ी है, डॉलर दबाव में आया है और इसी से सोने को मजबूत सपोर्ट मिला है।

दूसरा बड़ा कारण है- कच्चे तेल की गिरती कीमतें। SEBI रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता कहते हैं कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद क्रूड सस्ता हुआ, जिससे महंगाई का डर कम हुआ है। इससे फेड रेट कट की चर्चा और तेज हो गई है। गुप्ता के मुताबिक, “बाजार को लग रहा है कि गिरते तेल के दाम महंगाई और डॉलर दोनों को काबू में रखेंगे और यही US फेड के रेट कट की अटकलों को हवा दे रहा है।”

क्या 5,000 डॉलर से ऊपर जाएगा सोना?

इंडिपेंडेंट मेटल्स ट्रेडर ताई वोंग ने रॉयटर्स से बात करते हुए कहा कि इस हफ्ते सोने के खरीदार धीरे-धीरे बाजी पलट रहे हैं। हर दिन निचला स्तर ऊपर उठ रहा है। यह बुलिश संकेत है। लेकिन 5,000 डॉलर के आगे कड़ी लड़ाई होगी। अगर वह स्तर टूटा, तो बुल रन दोबारा तेज हो सकता है।

Enrich Money के CEO पोन्मुडी आर का कहना है कि COMEX पर सोना $4,750 से $4,800 के दायरे में है और मुख्य औसतों से ऊपर टिका है। लेकिन अभी बाजार में थोड़ी झिझक भी दिख रही है। उनके अनुसार, 4,725 डॉलर से नीचे गिरने पर $4,700 और $4,650 तक का दबाव बन सकता है। वहीं, अगर $4,820 के ऊपर टिकाव बना तो $4,860 और $4,900 का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल बाजार की चाल जियोपॉलिटिकल खबरों और डॉलर की दिशा पर निर्भर करेगी।

PC: AI

क्या करें निवेशक?

जो लोग भारत में सोना खरीदने का सोच रहे हैं, उनके लिए पोन्मुडी आर कहते हैं कि अगर MCX पर सोना 1,53,000 रुपये के ऊपर टिका तो 1,55,000 तक जाना संभव है। लेकिन अगर 1,52,000 रुपये से नीचे आया, तो 1,50,000 रुपये और फिर 1,48,000 रुपये तक गिरावट देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर तस्वीर हल्की पॉजिटिव है, पर पक्का ब्रेकआउट अभी नहीं आया है।

लॉन्ग टर्म के लिए कैसा है सोना?

Tata Mutual Fund के विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की उठापटक के बावजूद सोने में निवेश का बुनियादी तर्क अभी भी मजबूत है। वे चार बड़े कारण गिनाते हैं:

  1. दुनिया पर कर्ज का बोझ है। सरकारों और कंपनियों पर भारी कर्ज है। ऐसे में लोग सोने जैसी ठोस संपत्ति में पैसा लगाना पसंद करते हैं।
  2. महंगाई का डर बरकरार है। चक्रीय उतार-चढ़ाव भले हो, महंगाई का खतरा दुनिया की अर्थव्यवस्था में गहरा बैठा हुआ है।
  3. कागजी मुद्रा पर भरोसा घटा है। दुनियाभर में लोगों का फिएट करेंसी पर भरोसा कम हो रहा है और सोना उनका सबसे पुराना विकल्प है।
  4. भू-राजनीतिक तनाव। दुनिया के कई कोनों में अस्थिरता है। जब डर होता है, पैसा सोने में आता है। यह सदियों पुरानी बात है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *