कानपुर। कानपुर सहित मध्य उत्तर प्रदेश में मौसम ने साफ रुख अपना लिया है। आसमान पूरी तरह साफ रहने से दिन में तेज धूप और गर्मी का असर बढ़ेगा, जबकि सुबह-शाम और रात में हल्की ठंडक बनी रहेगी। मौसम विशेषज्ञ डॉ. यस एन. सुनील पांडेय के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
दिन में बढ़ेगी गर्मी, लू जैसे हालात संभव
मध्य यूपी के कई जिलों में अब गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। उन्नाव, फतेहपुर, कन्नौज, इटावा और औरैया में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। दोपहर के समय तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। खासकर खुले इलाकों में लू जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने और धूप से बचने की सलाह दी है।
तेज होंगी हवाएं, बढ़ेगी तपिश
मौसम में बदलाव के साथ हवाओं की रफ्तार भी तेज होने लगेगी। फिलहाल धीमी चल रही हवाएं आने वाले दिनों में 1 किमी/घंटा से बढ़कर 18 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं। दिन के समय चलने वाली ये हवाएं गर्म और शुष्क होंगी, जिससे गर्मी का असर और बढ़ जाएगा। तेज हवाओं के कारण धूल उड़ने की भी संभावना है, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव गर्मी के मौसम की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और आने वाले दिनों में तापमान और हवा दोनों का प्रभाव बढ़ेगा।
सुबह-शाम राहत, रात में ठंडक
दिन में भले ही तेज गर्मी पड़े, लेकिन सुबह और शाम का मौसम राहत भरा रहेगा। ठंडी हवाओं के कारण सुबह 8 बजे तक और शाम 6 बजे के बाद तापमान में गिरावट महसूस होगी। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी और मौसम सुहावना बना रहेगा। वहीं रात के समय तापमान गिरकर 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। साफ आसमान और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते रात और सुबह हल्की ठंडक बनी रहेगी, जिससे लोगों को आरामदायक मौसम का अनुभव होगा।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए राहत लेकर आया है। अगले एक सप्ताह तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा नहीं रहेगा। डॉ. यस एन. सुनील पांडेय ने किसानों को सलाह दी है कि वे इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए रबी फसलों की कटाई और मड़ाई का काम तेजी से पूरा करें। गेहूं, चना और सरसों की फसल को अच्छी तरह धूप में सुखाकर ही भंडारण करें। नमी रहित अनाज लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और खराब होने की संभावना कम रहती है।


