धरहरा में पोषण पखवाड़ा शुरू:गोद भराई और व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

धरहरा में पोषण पखवाड़ा शुरू:गोद भराई और व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

मुंगेर में धरहरा के बाल विकास परियोजना कार्यालय में 8वें पोषण पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन सीडीपीओ अमृता रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह अभियान 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चलेगा, जिसका उद्देश्य पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है। इस पखवाड़े का मुख्य संदेश “सही पोषण, देश रोशन” रहा। सीडीपीओ अमृता रंजन ने माता एवं शिशु पोषण, 0-3 वर्ष के बच्चों के मानसिक विकास, स्क्रीन टाइम कम करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने में समाज की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों के जीवन के पहले छह साल उनके भविष्य की नींव होते हैं, इसलिए इस अवधि में सही पोषण और देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण है। पखवाड़े के दौरान गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने विशेष ध्यान आकर्षित किया। इसमें गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं और आंगनवाड़ी सेविकाओं की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच भी की गई। इस अवसर पर आंगनवाड़ी सेविकाओं के बीच मोटे अनाज (मिलेट्स) से बने पौष्टिक व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बाजरा, ज्वार और अन्य मिलेट्स से तैयार किए गए स्वादिष्ट और सेहतमंद व्यंजनों ने सभी का ध्यान खींचा। प्रतियोगिता में बेहतरीन व्यंजन बनाने वाली सेविकाओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा। इस मौके पर पर्यवेक्षिका ज्योति सिंह, मीनू कुमारी, रजनी कुमारी, सीता कुमारी, किरण कुमारी, अजय कुमार, अंकित कुमार और वंदना सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। पोषण, जागरूकता और सम्मान के इस संगम ने धरहरा में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया। मुंगेर में धरहरा के बाल विकास परियोजना कार्यालय में 8वें पोषण पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन सीडीपीओ अमृता रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह अभियान 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चलेगा, जिसका उद्देश्य पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है। इस पखवाड़े का मुख्य संदेश “सही पोषण, देश रोशन” रहा। सीडीपीओ अमृता रंजन ने माता एवं शिशु पोषण, 0-3 वर्ष के बच्चों के मानसिक विकास, स्क्रीन टाइम कम करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने में समाज की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों के जीवन के पहले छह साल उनके भविष्य की नींव होते हैं, इसलिए इस अवधि में सही पोषण और देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण है। पखवाड़े के दौरान गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने विशेष ध्यान आकर्षित किया। इसमें गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं और आंगनवाड़ी सेविकाओं की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच भी की गई। इस अवसर पर आंगनवाड़ी सेविकाओं के बीच मोटे अनाज (मिलेट्स) से बने पौष्टिक व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बाजरा, ज्वार और अन्य मिलेट्स से तैयार किए गए स्वादिष्ट और सेहतमंद व्यंजनों ने सभी का ध्यान खींचा। प्रतियोगिता में बेहतरीन व्यंजन बनाने वाली सेविकाओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा। इस मौके पर पर्यवेक्षिका ज्योति सिंह, मीनू कुमारी, रजनी कुमारी, सीता कुमारी, किरण कुमारी, अजय कुमार, अंकित कुमार और वंदना सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। पोषण, जागरूकता और सम्मान के इस संगम ने धरहरा में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।  

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