पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के डॉक्टरों ने एक गंभीर रूप से घायल युवक का ऑपरेशन किया। भागलपुर निवासी 30 वर्षीय युवक को शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे गंभीर हालत में PMCH की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। उसकी गर्दन के पिछले हिस्से में इतनी गहरी चोट थी कि वह रीढ़ की हड्डी तक पहुंच गई थी, जिससे उसकी जान को सीधा खतरा था। मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक थी। डॉक्टरों ने बताया कि चोट इतनी संवेदनशील जगह पर थी कि थोड़ी सी भी लापरवाही उसकी जान ले सकती थी या उसे स्थायी रूप से लकवाग्रस्त कर सकती थी। इमरजेंसी टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम का गठन किया गया ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति शर्मा को तुरंत सूचित किया गया। उन्होंने स्थिति का आकलन कर अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह को मामले से अवगत कराया। इसके बाद ईएनटी, जनरल सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों को मिलाकर एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम का गठन किया गया। अस्पताल अधीक्षक की निगरानी में डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। इस टीम में डॉ. रतनेश कुमार, डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. शालिनी शर्मा और डॉ. मधु प्रिया शामिल थीं। सभी विशेषज्ञों ने आपसी समन्वय से काम करते हुए इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने अत्यधिक सावधानी बरती। चोट रीढ़ की हड्डी के पास होने के कारण हर कदम सटीकता से उठाना आवश्यक था। टीम ने न केवल रक्तस्राव को नियंत्रित किया, बल्कि नसों और अन्य संवेदनशील अंगों को भी सुरक्षित रखा। सर्जरी के बाद मरीज खतरे से बाहर ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल वह खतरे से बाहर है, लेकिन उसे कुछ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। हालांकि मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जो डॉक्टरों के लिए राहत की बात है। घटना को लेकर बना संदेह, पुलिस को सूचना मरीज के परिजनों ने प्रारंभिक जानकारी में बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसने खुद ही अपनी गर्दन पर वार किया। हालांकि, डॉक्टरों को घटना संदिग्ध लगी। चोट की गंभीरता और प्रकृति को देखते हुए मामला सामान्य नहीं प्रतीत हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज के पूरी तरह होश में आने के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी, जिससे घटना की सच्चाई सामने आ सके। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के डॉक्टरों ने एक गंभीर रूप से घायल युवक का ऑपरेशन किया। भागलपुर निवासी 30 वर्षीय युवक को शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे गंभीर हालत में PMCH की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। उसकी गर्दन के पिछले हिस्से में इतनी गहरी चोट थी कि वह रीढ़ की हड्डी तक पहुंच गई थी, जिससे उसकी जान को सीधा खतरा था। मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक थी। डॉक्टरों ने बताया कि चोट इतनी संवेदनशील जगह पर थी कि थोड़ी सी भी लापरवाही उसकी जान ले सकती थी या उसे स्थायी रूप से लकवाग्रस्त कर सकती थी। इमरजेंसी टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम का गठन किया गया ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति शर्मा को तुरंत सूचित किया गया। उन्होंने स्थिति का आकलन कर अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह को मामले से अवगत कराया। इसके बाद ईएनटी, जनरल सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों को मिलाकर एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम का गठन किया गया। अस्पताल अधीक्षक की निगरानी में डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। इस टीम में डॉ. रतनेश कुमार, डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. शालिनी शर्मा और डॉ. मधु प्रिया शामिल थीं। सभी विशेषज्ञों ने आपसी समन्वय से काम करते हुए इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने अत्यधिक सावधानी बरती। चोट रीढ़ की हड्डी के पास होने के कारण हर कदम सटीकता से उठाना आवश्यक था। टीम ने न केवल रक्तस्राव को नियंत्रित किया, बल्कि नसों और अन्य संवेदनशील अंगों को भी सुरक्षित रखा। सर्जरी के बाद मरीज खतरे से बाहर ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल वह खतरे से बाहर है, लेकिन उसे कुछ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। हालांकि मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जो डॉक्टरों के लिए राहत की बात है। घटना को लेकर बना संदेह, पुलिस को सूचना मरीज के परिजनों ने प्रारंभिक जानकारी में बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसने खुद ही अपनी गर्दन पर वार किया। हालांकि, डॉक्टरों को घटना संदिग्ध लगी। चोट की गंभीरता और प्रकृति को देखते हुए मामला सामान्य नहीं प्रतीत हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज के पूरी तरह होश में आने के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी, जिससे घटना की सच्चाई सामने आ सके।


