गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत सामुदायिक निवेश निधि (CIF) में 41 लाख रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन ब्लॉक मिशन प्रबंधक समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में पता चला है कि स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल संघ के पदाधिकारियों ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। नियमों के अनुसार, किसी भी समूह को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का ही भुगतान किया जा सकता है, लेकिन कई समूहों को 10 से 15 लाख रुपये तक की राशि हस्तांतरित की गई। नियमों को दरकिनार करते हुए ग्राम संगठन के स्तर से चेक और नकद के माध्यम से अवैध लेनदेन किए गए। रुपईडीह ब्लॉक में वर्तमान में 9 से अधिक ग्राम संगठन और 54 ग्राम संगठन इकाइयां हैं, जिनसे लगभग 797 स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच विभिन्न समूहों को कुल 5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था। गहन जांच के बाद, इसमें से 41 लाख रुपये से अधिक की राशि के भुगतान में गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन की पुष्टि हुई है। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन प्रबंधक कुलदीप कुमार सहित कुल 19 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ समिति की अध्यक्ष अर्चना गोस्वामी, सचिव राजरानी, कोषाध्यक्ष अंक कुमारी, नंद बाबा ग्राम संगठन समिति पंचरुखी मनोहरजोत की अध्यक्ष रेनू, सचिव नीता, कोषाध्यक्ष वंदना, जय माता दी स्वयं सहायता समूह की सचिव पूजा मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुन, कोमल आजीविका मिशन ग्राम संगठन की सचिव रेखा वर्मा, कोषाध्यक्ष कामिनी, महिला सशक्तीकरण स्वयं सहायता समूह पचरन की सचिव ननकी, कोषाध्यक्ष कामू, राम किशोर पांडेय, हरियाली प्रेरणा ग्राम संगठन लालनगर की सचिव रीता, कोषाध्यक्ष सुनीता, किसान प्रेरणा ग्राम संगठन गौनरिया की अध्यक्ष अनीता, कोषाध्यक्ष मंजू और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह गौनरिया की कोषाध्यक्ष राजकुमारी के नाम शामिल हैं। खरगूपुर प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि सभी आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


