मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके में 1 अप्रैल को अगवा हुई 7 साल की बच्ची को पुलिस ने 9वें दिन यानी गुरुवार को बरामद कर लिया। बच्ची की बरामदगी पानापुर थाना क्षेत्र के एक विवाह भवन से की गई। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों में रिश्ते की भाभी लगने वाली सोनी कुमारी (32) मास्टरमाइंड है। पुलिस की जांच में पता चला कि बच्ची के ममेरे भाई बालेश्वर पासवान की पत्नी सोनी देवी ने ही अपने प्रेमी रूपेश पासवान और उसकी मां शोभा देवी के साथ में मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। सुबह प्रेमी संग लेकर हुई थी फरार दरअसल, बच्ची की मां विनीता देवी अपने पति के साथ तमिलनाडु में रह कर काम करती हैं, जबकि बच्ची मुजफ्फरपुर के भिखनपुर में अपने ममेरे भाई के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान में 31 मार्च को माता-पिता बच्ची को लेने भिखनपुर पहुंचे थे और जब रात में सब सोए, लेकिन अगली सुबह बच्ची घर से गायब मिली। इसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की फिर पुलिस को सूचना दी। बच्ची की मां विनीता ने पुलिस से बताया कि बच्ची की वापसी के लिए ₹5 लाख की फिरौती की मांग की गई थी। इस अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्ची के परिजनों से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी रकम नहीं देने पर बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी। आरोपी को बच्ची से था लगाव पूरे मामले की जानकारी को देते हुए एसडीपीओ टाउन टू बिनीता सिन्हा ने बताया कि अपहृत बच्ची को एक विवाह भवन से सकुशल बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अपरहण के आरोप में फरार महिला सोनी देवी और उसके प्रेमी रूपेश पासवान और उसकी मां शोभा देवी को पकड़ा है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी महिला सोनी देवी को बच्ची से अत्यधिक लगाव था और इसी कारण उसने अपने सहयोगियों के साथ में मिलकर बच्ची को छिपा लिया और फिर फिरौती की मांग की। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सोनी देवी बच्ची को अपने साथ ले जा चुकी थी, जिसे बाद में मुंबई से बरामद किया गया था। फिलहाल इस मामले में बच्ची का बयान कोर्ट में कराया जा रहा है और पुलिस इस मामले में आगे की करवाई में जुटी हुई है। 5 लाख रुपए की थी डिमांड बच्ची की देखभाल ठीक से हो, इसलिए उसकी मां विनीता ने बेटी को भिखनपुरा में रहने वाले भाई के बेटे बालेश्वर पासवान के घर छोड़ दिया था। 31 मार्च को जब विनीता अपने पति के साथ मुजफ्फरपुर आई, तो बच्ची से मुलाकात के बाद परिवार के सभी सदस्य देर रात सो गए। 1 अप्रैल की सुबह बालेश्वर की पत्नी सोनी देवी और बच्ची घर से गायब मिली। इसके बाद परिजन ने बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान विनीता रुपेश पासवान के घर पहुंची। बच्ची की मां के मुताबिक, रुपेश की मां ने कहा कि तुम्हारी बेटी हमारे पास है, अगर बच्ची चाहिए तो तुम्हें 5 लाख रुपए देने होंगे। इसके बाद सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। जब मामला नहीं सुलझा तो विनीता ने 3 अप्रैल को अहियापुर थाना में बेटी के अपहरण की FIR दर्ज कराई। उन्होंने तीन लोगों को नामजद किया। FIR के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी की। अरोपी रुपेश की मां शोभा भी फरार थी। 8 अप्रैल को रूपेश की मां को पुलिस ने अहियापुर थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी की, जिसके बाद 9 अप्रैल की देर रात दोनों अरोपी सहित बच्ची को पुलिस ने पानापुर स्थित एक विवाह भवन से बरामद किया। 6 साल पहले हुई थी बालेश्वर की शादी आरोपी सोनी देवी की शादी 6 साल पहले बालेश्वर पासवान (अपहृत बच्ची के ममेरे भाई) से हुई थी। उसकी कोई संतान नहीं है। बच्ची ममेरे भाई के पास ही रहती थी। महिला का पड़ोसी रूपेश पासवान से प्रेम प्रसंग था। एसडीपीओ टाउन-2 बिनिता सिन्हा ने बताया कि पहले भी आरोपी सोनी बच्ची को लेकर मुबंई चली गई थी। करीब 2 साल पहले जब बच्ची 5 साल की थी, तब सोनी देवी बच्ची को घुमाने के बहाने मुंबई ले गई थी, तब सिर्फ मां ने सोनी के खिलाफ आवेदन दिया था। करीब 10 दिन बाद पुलिस ने मुंबई से बच्ची को बरामद किया था। मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके में 1 अप्रैल को अगवा हुई 7 साल की बच्ची को पुलिस ने 9वें दिन यानी गुरुवार को बरामद कर लिया। बच्ची की बरामदगी पानापुर थाना क्षेत्र के एक विवाह भवन से की गई। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों में रिश्ते की भाभी लगने वाली सोनी कुमारी (32) मास्टरमाइंड है। पुलिस की जांच में पता चला कि बच्ची के ममेरे भाई बालेश्वर पासवान की पत्नी सोनी देवी ने ही अपने प्रेमी रूपेश पासवान और उसकी मां शोभा देवी के साथ में मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। सुबह प्रेमी संग लेकर हुई थी फरार दरअसल, बच्ची की मां विनीता देवी अपने पति के साथ तमिलनाडु में रह कर काम करती हैं, जबकि बच्ची मुजफ्फरपुर के भिखनपुर में अपने ममेरे भाई के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान में 31 मार्च को माता-पिता बच्ची को लेने भिखनपुर पहुंचे थे और जब रात में सब सोए, लेकिन अगली सुबह बच्ची घर से गायब मिली। इसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की फिर पुलिस को सूचना दी। बच्ची की मां विनीता ने पुलिस से बताया कि बच्ची की वापसी के लिए ₹5 लाख की फिरौती की मांग की गई थी। इस अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्ची के परिजनों से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी रकम नहीं देने पर बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी। आरोपी को बच्ची से था लगाव पूरे मामले की जानकारी को देते हुए एसडीपीओ टाउन टू बिनीता सिन्हा ने बताया कि अपहृत बच्ची को एक विवाह भवन से सकुशल बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अपरहण के आरोप में फरार महिला सोनी देवी और उसके प्रेमी रूपेश पासवान और उसकी मां शोभा देवी को पकड़ा है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी महिला सोनी देवी को बच्ची से अत्यधिक लगाव था और इसी कारण उसने अपने सहयोगियों के साथ में मिलकर बच्ची को छिपा लिया और फिर फिरौती की मांग की। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सोनी देवी बच्ची को अपने साथ ले जा चुकी थी, जिसे बाद में मुंबई से बरामद किया गया था। फिलहाल इस मामले में बच्ची का बयान कोर्ट में कराया जा रहा है और पुलिस इस मामले में आगे की करवाई में जुटी हुई है। 5 लाख रुपए की थी डिमांड बच्ची की देखभाल ठीक से हो, इसलिए उसकी मां विनीता ने बेटी को भिखनपुरा में रहने वाले भाई के बेटे बालेश्वर पासवान के घर छोड़ दिया था। 31 मार्च को जब विनीता अपने पति के साथ मुजफ्फरपुर आई, तो बच्ची से मुलाकात के बाद परिवार के सभी सदस्य देर रात सो गए। 1 अप्रैल की सुबह बालेश्वर की पत्नी सोनी देवी और बच्ची घर से गायब मिली। इसके बाद परिजन ने बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान विनीता रुपेश पासवान के घर पहुंची। बच्ची की मां के मुताबिक, रुपेश की मां ने कहा कि तुम्हारी बेटी हमारे पास है, अगर बच्ची चाहिए तो तुम्हें 5 लाख रुपए देने होंगे। इसके बाद सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। जब मामला नहीं सुलझा तो विनीता ने 3 अप्रैल को अहियापुर थाना में बेटी के अपहरण की FIR दर्ज कराई। उन्होंने तीन लोगों को नामजद किया। FIR के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी की। अरोपी रुपेश की मां शोभा भी फरार थी। 8 अप्रैल को रूपेश की मां को पुलिस ने अहियापुर थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी की, जिसके बाद 9 अप्रैल की देर रात दोनों अरोपी सहित बच्ची को पुलिस ने पानापुर स्थित एक विवाह भवन से बरामद किया। 6 साल पहले हुई थी बालेश्वर की शादी आरोपी सोनी देवी की शादी 6 साल पहले बालेश्वर पासवान (अपहृत बच्ची के ममेरे भाई) से हुई थी। उसकी कोई संतान नहीं है। बच्ची ममेरे भाई के पास ही रहती थी। महिला का पड़ोसी रूपेश पासवान से प्रेम प्रसंग था। एसडीपीओ टाउन-2 बिनिता सिन्हा ने बताया कि पहले भी आरोपी सोनी बच्ची को लेकर मुबंई चली गई थी। करीब 2 साल पहले जब बच्ची 5 साल की थी, तब सोनी देवी बच्ची को घुमाने के बहाने मुंबई ले गई थी, तब सिर्फ मां ने सोनी के खिलाफ आवेदन दिया था। करीब 10 दिन बाद पुलिस ने मुंबई से बच्ची को बरामद किया था।


