181 पर समस्याओं का फर्जी निस्तारण…लोग कहां करें भरोसा

181 पर समस्याओं का फर्जी निस्तारण…लोग कहां करें भरोसा

ग्राम पंचायत ने कागजों में ही लावारिस श्वानों की समस्या का निराकरण

मामला नाहिला ग्राम पंचायत के कुंवरपुरा गांव का, लोग श्वानों से परेशान

dholpur, राजाखेड़ा. विकास कार्यों और जनहित के कार्यों के नाम पर कैसे कागजी घोड़े दोड़ा कर ग्राम पंचायतें ग्राम स्वराज के सपनों को ध्वस्त कर रही है यह राजाखेड़ा पंचायत समिति के अधीनस्थ ग्राम पंचायतों से बखूबी सीखा जा सकता है, जहां बड़ी संख्या में आमजन की मांगों के नाम पर बजट का मोटा हिस्सा कागजों में ही खर्च कर लिया जाता है। मजेदार बात यह है कि उच्च स्तर के अधिकारी भी आंख बंद कर इन्हें प्रमाणित कर देते हैं और इस अभिन्न प्रेम के क्या-क्या कारण हो सकते हैं यह बखूबी समझा जा सकता है, लेकिन इस कुत्सित गठबंधन को अब तक तोड़ा नहीं जा सका है।

नाहिला ग्राम पंचायत के कुंवरपुरा गांव में ग्रामीण लावारिस श्वानों से बेहद परेशान थे। उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति तक बार-बार गुहार लगाई की आवारा श्वानों ने घर से निकलना दूभर कर दिया है। बच्चे डर से स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं, महिलाएं खेतों पर काम करने तक नहीं जा पा रहीं। अनेक लोगों को ये लावारिस श्वान हमला कर घायल कर चुके हैं। पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई न कोई कार्रवाई हुई, जिस पर गांव के जागरूक नागरिक विजय प्रजापति ने 15 मार्च को 181 राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत संख्या 32636325990042 दर्ज कराई, लेकिन श्वान आज भी लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हंै। श्वानों की वजह से स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी बेहद न्यून होती जा रही है।   

शिकायत वही और पोर्टल पर निस्तारण

सरकार की आम नागरिकों की समस्याओं को दूर करने की प्रतिबद्धता को जारी किए गए राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर 15 मार्च को दर्ज शिकायत पर पंचायत समिति ने तूफानी कार्रवाई करते हुए 22 मार्च को निस्तारण कर दिया कि ग्राम पंचायत ने लावारिस श्वानों को पकड़वा दिए गया है और ग्राम पंचायत की इस कार्रवाई को विकास अधिकारी ने उसी दिन प्रमाणित कर परिवाद का पूरा ही निस्तारण कर दिया, जब विजय प्रजापति ने अपनी शिकायत का स्टेटस देखा तो वह भौंचक्का रह गया और उसने बैठक कर ग्रमीणों को प्रकरण की जानकारी दी तो लोगों में आक्रोश फैल गया और ग्राम पंचायत व पंचायत समिति के विरुद्ध बेहद नाराजगी जताई साथ ही मामले से जिला कलक्टर को अवगत करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सरकार को ही धोखा देने का मामला दर्ज करने की मांग को लेकर पत्र लिखा है।

खुल रही परतें पर प्रशासन मूक

पिछले तीन माह में बजट को खपाने के लिए ग्राम पंचायतों ने आनन-फानन में रातों में भी जमकर विकास कर डाला। उत्तनगन नदी के मिट्टी जैसे रेता से कई दर्जन कंक्रीट सडक़ें रातों के घुप्प अंधेरे में बना डालीं। कई ने तो ईंट भट्टों का कचरा बिछाकर ही सडक़ें बना दीं और मुफ्त के कचरा लगाकर मानकानुसार 15 सेंटीमीटर की थिकनेस दर्शा दी और इन सब का खामियाजा जनता को खुला छोड़ दिया।

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