सीवान के एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव में हुई हिंसक घटना अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पूरा मामला पुलिस की भूमिका पर केंद्रित हो गया है। वायरल वीडियो ने थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल को सीधे सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। वीडियो में वे अपराधी चंदन सिंह को उकसाते हुए “उतरो, मारो गोली… जो होगा देखा जाएगा” जैसे शब्द बोलते और गाली-गलौज करते सुनाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जानें क्या था पूरा मामला… स्कॉर्पियो में सवार चंदन और साथियों ने फायरिंग की घटना की शुरुआत बीते रविवार को एक ऑटो और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर हुए मामूली विवाद से हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। ऑटो चालक का आरोप है कि स्कॉर्पियो में सवार चंदन सिंह और उसके साथियों ने फायरिंग की। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम पर भी हमला हुआ, जिसमें कई जवान घायल हो गए। भीड़ पर पुलिस पर हमले का मामला दर्ज हालांकि, अब सामने आए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में थाना प्रभारी खुद भीड़ को उकसाते नजर आ रहे हैं, जबकि उसी दौरान गाड़ी पर पथराव और अंदर बैठे एक सिपाही के घायल होने का दृश्य भी रिकॉर्ड हो रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि पुलिस अधिकारी की भूमिका ही संदिग्ध थी, तो बाद में उसी भीड़ पर पुलिस पर हमले का मामला दर्ज करने का आधार क्या था? कुछ दिनों पहले ऑडियो क्लिप भी हुई थी वायरल इससे पहले एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थी, जिसमें थाना प्रभारी और एक स्थानीय मुखिया के बीच बातचीत सामने आई थी। उस ऑडियो में उन पर एक समुदाय विशेष के प्रति झुकाव रखने और समझौते के बजाय केस दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे। बातचीत से यह संकेत भी मिला कि स्थानीय सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा था। मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चंदन सिंह समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, चंदन सिंह ने ओसामा सहाब और उनके सहयोगियों पर साजिश के तहत हमला करवाने का आरोप लगाया है, जिससे मामला और अधिक जटिल और राजनीतिक होता जा रहा है। एसपी बोले-मामले की जानकारी नहीं जब इस पूरे प्रकरण पर थाना प्रभारी राजीव पटेल से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया। हालांकि, उनका रवैया कड़ा और असहयोगपूर्ण बताया गया। दूसरी ओर, एसपी पूरन कुमार झा ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच का आश्वासन दिया है। लगातार सामने आ रहे ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या कानून की रक्षा करने वाले ही कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं? यदि वायरल वीडियो की पुष्टि होती है, तो यह न केवल पुलिस की साख पर बड़ा सवाल होगा, बल्कि पूरे तंत्र की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी गहरी चोट माने जाएगी। सीवान के एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव में हुई हिंसक घटना अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पूरा मामला पुलिस की भूमिका पर केंद्रित हो गया है। वायरल वीडियो ने थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल को सीधे सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। वीडियो में वे अपराधी चंदन सिंह को उकसाते हुए “उतरो, मारो गोली… जो होगा देखा जाएगा” जैसे शब्द बोलते और गाली-गलौज करते सुनाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जानें क्या था पूरा मामला… स्कॉर्पियो में सवार चंदन और साथियों ने फायरिंग की घटना की शुरुआत बीते रविवार को एक ऑटो और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर हुए मामूली विवाद से हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। ऑटो चालक का आरोप है कि स्कॉर्पियो में सवार चंदन सिंह और उसके साथियों ने फायरिंग की। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम पर भी हमला हुआ, जिसमें कई जवान घायल हो गए। भीड़ पर पुलिस पर हमले का मामला दर्ज हालांकि, अब सामने आए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में थाना प्रभारी खुद भीड़ को उकसाते नजर आ रहे हैं, जबकि उसी दौरान गाड़ी पर पथराव और अंदर बैठे एक सिपाही के घायल होने का दृश्य भी रिकॉर्ड हो रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि पुलिस अधिकारी की भूमिका ही संदिग्ध थी, तो बाद में उसी भीड़ पर पुलिस पर हमले का मामला दर्ज करने का आधार क्या था? कुछ दिनों पहले ऑडियो क्लिप भी हुई थी वायरल इससे पहले एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थी, जिसमें थाना प्रभारी और एक स्थानीय मुखिया के बीच बातचीत सामने आई थी। उस ऑडियो में उन पर एक समुदाय विशेष के प्रति झुकाव रखने और समझौते के बजाय केस दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे। बातचीत से यह संकेत भी मिला कि स्थानीय सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा था। मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चंदन सिंह समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, चंदन सिंह ने ओसामा सहाब और उनके सहयोगियों पर साजिश के तहत हमला करवाने का आरोप लगाया है, जिससे मामला और अधिक जटिल और राजनीतिक होता जा रहा है। एसपी बोले-मामले की जानकारी नहीं जब इस पूरे प्रकरण पर थाना प्रभारी राजीव पटेल से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया। हालांकि, उनका रवैया कड़ा और असहयोगपूर्ण बताया गया। दूसरी ओर, एसपी पूरन कुमार झा ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच का आश्वासन दिया है। लगातार सामने आ रहे ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या कानून की रक्षा करने वाले ही कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं? यदि वायरल वीडियो की पुष्टि होती है, तो यह न केवल पुलिस की साख पर बड़ा सवाल होगा, बल्कि पूरे तंत्र की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी गहरी चोट माने जाएगी।


