पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वायड की टीम ने कोर्ट परिसर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पिरबहोर थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि, ‘मेल के जरिए कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी मिली है। फिलहाल, परिसर में तलाश जारी है।’ धमकी मिलने का नहीं थम रहा सिलसिला पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को अरेस्ट किया था। इसके बाद दावा किया जा रहा था कि अब इस तरीके की धमकी नहीं आएगी। बावजूद इसके पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर से बम से उड़ने की धमकी मिली है। अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी इस बार धमकी मिलने पर वकीलों ने नाराजगी जाहिर की है। पटना सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण सिंह ने कहा कि, ‘यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है। बार-बार धमकी आ रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। आरोपी नहीं पकड़े जा रहे हैं। इससे समझा जा सकता है कि जब अदालत के प्रति पुलिस का रवैय्या यह है तो आम लोगों के साथ क्या रहता होगा। अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण सिंह ने कहा कि, ‘मैं अविलंब एक बार फिर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करता हूं। इससे हम वकीलों के पेशे पर नकारात्मक असर पड़ता है।’ अधिवक्ता अंशुमान ने कहा कि, ‘कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। पुलिस से पूछना चाहिए कि अब तक क्या कार्रवाई हुई।’ पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वायड की टीम ने कोर्ट परिसर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पिरबहोर थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि, ‘मेल के जरिए कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी मिली है। फिलहाल, परिसर में तलाश जारी है।’ धमकी मिलने का नहीं थम रहा सिलसिला पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिलने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को अरेस्ट किया था। इसके बाद दावा किया जा रहा था कि अब इस तरीके की धमकी नहीं आएगी। बावजूद इसके पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर से बम से उड़ने की धमकी मिली है। अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी इस बार धमकी मिलने पर वकीलों ने नाराजगी जाहिर की है। पटना सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण सिंह ने कहा कि, ‘यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है। बार-बार धमकी आ रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। आरोपी नहीं पकड़े जा रहे हैं। इससे समझा जा सकता है कि जब अदालत के प्रति पुलिस का रवैय्या यह है तो आम लोगों के साथ क्या रहता होगा। अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण सिंह ने कहा कि, ‘मैं अविलंब एक बार फिर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करता हूं। इससे हम वकीलों के पेशे पर नकारात्मक असर पड़ता है।’ अधिवक्ता अंशुमान ने कहा कि, ‘कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। पुलिस से पूछना चाहिए कि अब तक क्या कार्रवाई हुई।’


