गोंडा जिले के शहर से सटे एक छोटे से गांव में लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। सालों से खतरे की घंटी बनकर झूल रहा हाईटेंशन तार आखिरकार मौत बनकर टूट पड़ा। 35 वर्षीय पत्रकार रंजीत तिवारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गोंडा के नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया गांव में शुक्रवार की सुबह एक ऐसा हादसा हुआ। जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 35 वर्षीय रंजीत तिवारी, जो पेशे से पत्रकार थे। अपने ही घर के सामने एक लंबे समय से मंडरा रहे खतरे का शिकार हो गए। रंजीत के घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन कई सालों से परेशानी का कारण बनी हुई थी। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ एक तार नहीं, बल्कि हर दिन सिर पर लटकती मौत थी। रंजीत ने करीब एक दशक तक बिजली विभाग के चक्कर लगाए। आवेदन दिए, अधिकारियों से मिले, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
पड़ोसियों को आगाह करते समय अचानक टूट कर गिरा तार मौके पर ही दर्दनाक मौत
शुक्रवार की सुबह हालात और बिगड़ गए थे। तार घर की छत के बेहद करीब आ चुका था। रंजीत ने पड़ोसियों को भी आगाह किया कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह चेतावनी कुछ ही पलों में हकीकत बन जाएगी। अचानक तेज आवाज के साथ हाईटेंशन तार टूटकर सीधे रंजीत पर गिर गया। करंट इतना जबरदस्त था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। यह मंजर देखकर आसपास के लोग सन्न रह गए।
परिवार ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की
रंजीत के पीछे उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। जिनके सिर से अब हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा है। हर आंख नम है। घटना के बाद रंजीत के भाई अमरजीत तिवारी ने पुलिस को तहरीर देकर बिजली विभाग के कई अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े। इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या आम आदमी की जान की कीमत सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है?


