Epstein Files को लेकर कुछ ना कुछ विवाद सामने आता ही रहता है। अब नया मामला इस संबंध में सामने आ गया है। अमेरिका की फर्स्ट लेडी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मेलानिया ट्रंप(Melania Trump) ने आखिरकार उन चर्चाओं पर खुलकर जवाब दिया है, जिनमें उनका नाम Jeffrey Epstein से जोड़ा जा रहा था। गुरुवार को व्हाइट हाउस से बयान जारी किया गया। जिसमें उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और मानहानिकारक बताया। मेलानिया ने साफ शब्दों में कहा कि “अब इन झूठी बातों को खत्म होना चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका एपस्टीन या उसकी करीबी सहयोगी Ghislaine Maxwell से कभी कोई निजी रिश्ता नहीं रहा।
“सिर्फ औपचारिक मुलाकातें थीं, दोस्ती नहीं”
अपने बयान में मेलानिया ट्रंप ने बताया कि अगर कभी उनका सामना एपस्टीन या मैक्सवेल से हुआ भी, तो वह सिर्फ सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान हुआ, जैसे न्यूयॉर्क या पाम बीच की पार्टियों में। उन्होंने कहा, “मैं कभी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही। उस समय ऐसे इवेंट्स में कई लोग एक-दूसरे से टकरा जाते थे, यह आम बात थी।” मेलानिया ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया जिनमें उन्हें किसी तरह से एपस्टीन केस से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उनका नाम कभी भी किसी कोर्ट रिकॉर्ड, जांच दस्तावेज या गवाही में सामने नहीं आया है।
माइकल वोल्फ की किताब पर भी दिया जवाब
लेखक Michael Wolff के उस दावे को भी उन्होंने सिरे से नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि एपस्टीन ने उनकी मुलाकात Donald Trump से कराई थी। मेलानिया ने स्पष्ट किया कि एपस्टीन ने मुझे डोनाल्ड ट्रंप से नहीं मिलवाया था। अपने बयान में उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही “फर्जी तस्वीरों और झूठे बयानों” पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
मेलानिया ट्रंप ने यह भी कहा कि जो लोग या संगठन बिना आधार के आरोप फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई लोगों को अपने बयान वापस लेने पड़े हैं और सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी है। इस पूरे मामले में उन्होंने एक अहम बात यह भी कही कि एपस्टीन मामले की पीड़ित महिलाओं को खुलकर अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी संसद से अपील की कि पीड़ितों की गवाही आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज की जाए।


