नीमच में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक हालिया चुनावी बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। खड़गे द्वारा भाजपा और आरएसएस के संदर्भ में दिए गए ‘जहरीले नाग’ वाले बयान के विरोध में स्थानीय समाजसेवियों ने पुलिस थाने में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने इस बयान को भड़काऊ बताते हुए खड़गे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। बयान पर समाजसेवियों ने जताई आपत्ति समाजसेवी निर्मल देव नरेला, बाबूलाल नागदा और अन्य लोगों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि खड़गे ने एक वर्ग विशेष को संबोधित करते हुए आरएसएस और भाजपा के लोगों की तुलना ‘जहरीले नाग’ से की। ज्ञापन में दावा किया गया है कि उन्होंने इन ‘नागों’ को खत्म करने के लिए उकसाया है, जो सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा है। दंगे भड़काने की साजिश का लगाया आरोप विरोध दर्ज कराने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश में अराजकता फैलाने और दंगे भड़काने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे ने धार्मिक पद्धति की चर्चा के बीच हिंसा के लिए प्रेरित करने वाला संबोधन दिया है, जिससे करोड़ों नागरिकों और स्वयंसेवकों की भावनाएं आहत हुई हैं। आरएसएस के सेवा कार्यों की सराहना की ज्ञापन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा किए जाने वाले निस्वार्थ सेवा कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक संकटों के समय बिना किसी भेदभाव के नागरिकों की जान बचाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। समाजसेवियों ने तर्क दिया कि ऐसे संगठनों और नेताओं के खिलाफ हिंसक भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है। NSA के तहत कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान दिलीप छाजेड़, गजेंद्र चावला और कई अन्य स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


