US-Iran ceasefire: ईरान के साथ 7 अप्रैल को अमेरिका के साथ जारी युद्धविराम को लेकर रूस की तरफ से चेतावनी भरा अहम बयान आया है। रूस ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ फोन पर बातचीत में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने युद्धविराम का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सफल शांति वार्ता की उम्मीद भी जताई और समाधान खोजने में सहायता करने के लिए रूस की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फारस की खाड़ी की स्थिति पर चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के सैद्धांतिक रुख के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, दोनों नेताओं की बातचीत का विवरण साझा करते हुए रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘मॉस्को का दृढ़ विश्वास है कि इन समझौतों का क्षेत्रीय आयाम है और विशेष रूप से ये लेबनान पर लागू होते हैं।’
एक अन्य बयान में रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने लेबनान में इजरायली कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयां वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतार सकती हैं।
युद्धविराम में लेबनान को शामिल करें: EU
इससे पहले अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम में लेबनान को शामिल किए जाने की मांग यूरोपीय संघ की ओर से भी की गई है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा कि युद्धविराम केवल अमेरिका-ईरान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों से युद्धविराम कमजोर पड़ रहा है।
इजरायली हमले से युद्धविराम पर खतरा: फ्रांस
इजरायल के हमलों की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी कड़ी आलोचना की है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की। उन्होंने इन जानलेवा हमलों को लेकर फ्रांस की पूरी एकजुटता दिखाई। लेबनानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से वार्ता के फ्रांस के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ये हमले हाल ही में हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं। लेबनान को इस सीज़फायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए।’


