मधेपुरा बीएन मंडल विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत आक्रोश मार्च निकालकर पुतला दहन किया। मार्च के दौरान एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कुलपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान नेतृत्व में विश्वविद्यालय की गरिमा प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं बढ़ी हैं। हाल के घटनाक्रम विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। महिला संविदाकर्मी ने कुलपति पर यौन शोषण का आरोप लगाया है, इस मामले में कुलपति को सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों पर दबाव बनाने की हो रही कोशिश वहीं, एबीवीपी के पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने कहा कि छात्र हितों की आवाज उठाने वाले संगठनों और छात्रों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले छात्रों को डराने-धमकाने और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी और छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। जिला सह संयोजक मेघा मिश्रा एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नीतीश सिंह यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की साख और गरिमा को बचाने के लिए एबीवीपी हर स्तर पर आंदोलन करेगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज करते हुए इसे व्यापक रूप दिया जाएगा, ताकि पूरे राज्य स्तर पर इस मुद्दे को उठाया जा सके। नेताओं ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता लाने, प्रशासनिक सुधार करने तथा छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। आक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित नारे लगाए और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। मधेपुरा बीएन मंडल विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत आक्रोश मार्च निकालकर पुतला दहन किया। मार्च के दौरान एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कुलपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान नेतृत्व में विश्वविद्यालय की गरिमा प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं बढ़ी हैं। हाल के घटनाक्रम विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। महिला संविदाकर्मी ने कुलपति पर यौन शोषण का आरोप लगाया है, इस मामले में कुलपति को सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों पर दबाव बनाने की हो रही कोशिश वहीं, एबीवीपी के पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने कहा कि छात्र हितों की आवाज उठाने वाले संगठनों और छात्रों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले छात्रों को डराने-धमकाने और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी और छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। जिला सह संयोजक मेघा मिश्रा एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नीतीश सिंह यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की साख और गरिमा को बचाने के लिए एबीवीपी हर स्तर पर आंदोलन करेगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज करते हुए इसे व्यापक रूप दिया जाएगा, ताकि पूरे राज्य स्तर पर इस मुद्दे को उठाया जा सके। नेताओं ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता लाने, प्रशासनिक सुधार करने तथा छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। आक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित नारे लगाए और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


