पीएमसीएच में कैंसर विभाग शुरू:नवनिर्मित सेंट्रल यूटिलिटी ब्लॉक में मुफ्त इलाज की सुविधा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया उद्घाटन

पीएमसीएच में कैंसर विभाग शुरू:नवनिर्मित सेंट्रल यूटिलिटी ब्लॉक में मुफ्त इलाज की सुविधा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया उद्घाटन

बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में कैंसर विभाग का शुभारंभ किया गया है। बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने नव-निर्मित सेंट्रल यूटिलिटी ब्लॉक (सीयूबी) में इस अत्याधुनिक विभाग का उद्घाटन किया। अब राज्य के कैंसर मरीजों को जांच, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर और पूरी तरह नि:शुल्क मिलेंगी। उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के मरीजों को राज्य में ही सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने बताया कि इस नए कैंसर विभाग में आधुनिक तकनीक से लैस मशीनें स्थापित की गई हैं और भविष्य में सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। विभाग की शुरुआत के पहले ही दिन 13 मरीजों को भर्ती किया गया, जो इस नई व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। अब यहां प्रतिदिन ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवा संचालित होगी, जिससे मरीजों को परामर्श और उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस विभाग में मेडिकल, सर्जिकल, गायनी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट की एक विशेषज्ञ टीम नियमित रूप से मरीजों को देखेगी। इससे कैंसर के विभिन्न प्रकार के मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र और विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा। अब तक बिहार के कैंसर मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए आईजीआईएमएस या एम्स जैसे संस्थानों में रेफर किया जाता था। कई बार मरीजों को राज्य के बाहर भी जाना पड़ता था, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पीएमसीएच में इस नई सुविधा के शुरू होने से मरीजों की दूसरे संस्थानों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। अब उन्हें अपने ही शहर में उन्नत और समर्पित इलाज मिल पाएगा, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। गरीब मरीजों के लिए राहत, पूरी तरह मुफ्त होगा इलाज कैंसर का इलाज आमतौर पर बेहद महंगा होता है। खासकर कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी प्रक्रियाओं में हजारों रुपये प्रति सत्र खर्च होते हैं। निजी अस्पतालों में एक बार की कीमोथेरेपी के लिए 5000 से 10000 रुपये तक खर्च करना पड़ता है, जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भारी बोझ साबित होता है। ऐसे में पीएमसीएच में इन सभी सेवाओं का नि:शुल्क उपलब्ध होना गरीब मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब जांच, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी सभी सुविधाएं बिना किसी शुल्क के दी जाएंगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस विभाग में फिलहाल पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इनमें सर्जिकल, मेडिकल, गायनेकोलॉजिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट शामिल हैं। सभी डॉक्टर उच्च प्रशिक्षित हैं और एमसीएच तथा डीएम जैसी विशेषज्ञ डिग्रीधारी हैं।

एकीकृत व्यवस्था से मिलेगा बेहतर इलाज

अब तक कैंसर से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टर अलग-अलग विभागों में कार्यरत थे, जिससे मरीजों को समन्वित इलाज नहीं मिल पाता था। लेकिन अब सभी विशेषज्ञ एक ही विभाग के तहत काम करेंगे, जिससे मरीजों को बेहतर और समग्र उपचार मिल सकेगा।
यह एकीकृत व्यवस्था मरीजों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी, क्योंकि उन्हें अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा और इलाज की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी हो सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस विभाग

नए कैंसर विभाग में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें भर्ती के लिए 22 बेड का इंडोर वार्ड बनाया गया है, जबकि कीमोथेरेपी के लिए 7 समर्पित बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी उपलब्ध है। विभाग में अत्याधुनिक मशीनों के जरिए जांच और इलाज की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ा कदम पीएमसीएच में कैंसर विभाग की शुरुआत को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी। इस मौके पर पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह, कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ. रवि, डॉ. दिनेश कुमार दास, डॉ. गीता सिंह, डॉ. राजन कुमार समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, पीएमसीएच में कैंसर विभाग की शुरुआत बिहार के लाखों मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और अपने ही राज्य में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में कैंसर विभाग का शुभारंभ किया गया है। बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने नव-निर्मित सेंट्रल यूटिलिटी ब्लॉक (सीयूबी) में इस अत्याधुनिक विभाग का उद्घाटन किया। अब राज्य के कैंसर मरीजों को जांच, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर और पूरी तरह नि:शुल्क मिलेंगी। उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के मरीजों को राज्य में ही सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने बताया कि इस नए कैंसर विभाग में आधुनिक तकनीक से लैस मशीनें स्थापित की गई हैं और भविष्य में सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। विभाग की शुरुआत के पहले ही दिन 13 मरीजों को भर्ती किया गया, जो इस नई व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। अब यहां प्रतिदिन ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवा संचालित होगी, जिससे मरीजों को परामर्श और उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस विभाग में मेडिकल, सर्जिकल, गायनी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट की एक विशेषज्ञ टीम नियमित रूप से मरीजों को देखेगी। इससे कैंसर के विभिन्न प्रकार के मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र और विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा। अब तक बिहार के कैंसर मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए आईजीआईएमएस या एम्स जैसे संस्थानों में रेफर किया जाता था। कई बार मरीजों को राज्य के बाहर भी जाना पड़ता था, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पीएमसीएच में इस नई सुविधा के शुरू होने से मरीजों की दूसरे संस्थानों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। अब उन्हें अपने ही शहर में उन्नत और समर्पित इलाज मिल पाएगा, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी। गरीब मरीजों के लिए राहत, पूरी तरह मुफ्त होगा इलाज कैंसर का इलाज आमतौर पर बेहद महंगा होता है। खासकर कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी प्रक्रियाओं में हजारों रुपये प्रति सत्र खर्च होते हैं। निजी अस्पतालों में एक बार की कीमोथेरेपी के लिए 5000 से 10000 रुपये तक खर्च करना पड़ता है, जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भारी बोझ साबित होता है। ऐसे में पीएमसीएच में इन सभी सेवाओं का नि:शुल्क उपलब्ध होना गरीब मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब जांच, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी सभी सुविधाएं बिना किसी शुल्क के दी जाएंगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस विभाग में फिलहाल पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इनमें सर्जिकल, मेडिकल, गायनेकोलॉजिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट शामिल हैं। सभी डॉक्टर उच्च प्रशिक्षित हैं और एमसीएच तथा डीएम जैसी विशेषज्ञ डिग्रीधारी हैं।

एकीकृत व्यवस्था से मिलेगा बेहतर इलाज

अब तक कैंसर से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टर अलग-अलग विभागों में कार्यरत थे, जिससे मरीजों को समन्वित इलाज नहीं मिल पाता था। लेकिन अब सभी विशेषज्ञ एक ही विभाग के तहत काम करेंगे, जिससे मरीजों को बेहतर और समग्र उपचार मिल सकेगा।
यह एकीकृत व्यवस्था मरीजों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी, क्योंकि उन्हें अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा और इलाज की पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी हो सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस विभाग

नए कैंसर विभाग में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें भर्ती के लिए 22 बेड का इंडोर वार्ड बनाया गया है, जबकि कीमोथेरेपी के लिए 7 समर्पित बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी उपलब्ध है। विभाग में अत्याधुनिक मशीनों के जरिए जांच और इलाज की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ा कदम पीएमसीएच में कैंसर विभाग की शुरुआत को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी। इस मौके पर पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह, कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ. रवि, डॉ. दिनेश कुमार दास, डॉ. गीता सिंह, डॉ. राजन कुमार समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, पीएमसीएच में कैंसर विभाग की शुरुआत बिहार के लाखों मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और अपने ही राज्य में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।  

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