शिवहर में जिला पदाधिकारी श्रीमती प्रतिभा रानी ने बागमती नदी के दाएँ तटबंध का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह निरीक्षण कि.मी. 29.00 (ग्राम मझौरा, प्रखंड पिपराही) से शुरू होकर कि.मी. 39.60 (ग्राम कोठिया) तक किया गया। जिला पदाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों की स्थिति का बारीकी से मूल्यांकन किया। अवलोकन करते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए निरीक्षण के दौरान ग्राम कोपगढ़ (कि.मी. 36.00) के समीप तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का अवलोकन करते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि बाढ़ के खतरे को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा के लिए किए जा रहे जियो बैग एवं गैबियन कार्यों की भी समीक्षा की। डीएम ने तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तटबंधों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्राम कोठिया (कि.मी. 39.50) के पास स्थित संवेदनशील स्थल का निरीक्षण करते हुए जिला पदाधिकारी ने उसकी गंभीरता को समझा। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बचाव किया जा सके। जिला पदाधिकारी श्रीमती प्रतिभा रानी ने जोर देकर कहा कि तटबंधों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के वरीय अभियंता सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिवहर में जिला पदाधिकारी श्रीमती प्रतिभा रानी ने बागमती नदी के दाएँ तटबंध का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह निरीक्षण कि.मी. 29.00 (ग्राम मझौरा, प्रखंड पिपराही) से शुरू होकर कि.मी. 39.60 (ग्राम कोठिया) तक किया गया। जिला पदाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों की स्थिति का बारीकी से मूल्यांकन किया। अवलोकन करते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए निरीक्षण के दौरान ग्राम कोपगढ़ (कि.मी. 36.00) के समीप तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का अवलोकन करते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि बाढ़ के खतरे को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा के लिए किए जा रहे जियो बैग एवं गैबियन कार्यों की भी समीक्षा की। डीएम ने तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तटबंधों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्राम कोठिया (कि.मी. 39.50) के पास स्थित संवेदनशील स्थल का निरीक्षण करते हुए जिला पदाधिकारी ने उसकी गंभीरता को समझा। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बचाव किया जा सके। जिला पदाधिकारी श्रीमती प्रतिभा रानी ने जोर देकर कहा कि तटबंधों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के वरीय अभियंता सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


