शहर में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम अब हाईटेक तरीका अपनाने की तैयारी में है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने फूलबाग स्थित एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर का निरीक्षण करते हुए कुत्तों में माइक्रो चिप लगाने की योजना पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने ऑपरेशन थिएटर, केनल कक्ष और कार्यालय का जायजा लिया। माइक्रो चिप से एक साल बाद भी हो जाएगी पहचान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुत्तों की सटीक पहचान और रिकॉर्ड रखने के लिए माइक्रो चिप लगाने की प्रक्रिया पर तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह भी जानकारी जुटाने को कहा गया कि देश के अन्य नगर निगमों में यह तकनीक कहां-कहां लागू है।
नगर आयुक्त ने कहा कि माइक्रो चिप लगने के बाद किसी भी कुत्ते की पहचान एक साल बाद भी आसानी से की जा सकेगी। इससे शिकायत मिलने पर संबंधित कुत्ते की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी और समस्या के समाधान में तेजी आएगी। दो एबीसी सेंटर संचालित
नगर निगम के अनुसार शहर में संचालित दो एबीसी सेंटरों में प्रतिदिन करीब 60 और हर माह लगभग 1800 कुत्तों की सर्जरी की जा रही है। यह काम संस्था ‘फ्रेंडिकोज सेका़’ के माध्यम से किया जा रहा है, जो देश के 20 अन्य नगर निगमों में भी यह सेवा दे रही है। इस मौके पर मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन, वेटनरी सर्जन डॉ. हेमंत राजपूत सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


