बांका जिले के रजौन थाना में भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड के एक फील्ड स्टाफ के खिलाफ ऋणधारकों की किस्त की राशि गबन करने का मामला बुधवार को सामने आया है। कंपनी के रजौन शाखा प्रबंधक कैलाश प्रसाद यादव ने इस संबंध में थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड, जो इंडसइंड बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, महिलाओं के समूहों को छोटे ऋण प्रदान करती है और साप्ताहिक किस्तों की वसूली का कार्य करती है। 17 महीने से शाखा में कार्यरत था
रजौन शाखा में कार्यरत फील्ड स्टाफ केशव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने ऋणधारकों से वसूली गई किस्त की राशि को उनके खातों में जमा नहीं किया और उसका गबन कर लिया। शाखा प्रबंधक के अनुसार, आरोपी कर्मचारी लगभग 17 महीने से शाखा में कार्यरत था। उसका मुख्य कार्य फील्ड में जाकर ऋण देना और साप्ताहिक किस्त वसूलना था। यह मामला तब सामने आया जब कुछ ऋणधारकों ने शिकायत की कि उन्होंने पूरी किस्त की राशि कर्मचारी को दे दी थी, लेकिन उनके ऋण खाते में वह राशि जमा नहीं हुई। 1,54,691 रुपए की राशि गबन करने की पुष्टि
क्षेत्रीय कार्यालय की जांच टीम द्वारा की गई पड़ताल में छह ऋणधारकों से कुल 1,54,691 रुपए की राशि गबन करने की पुष्टि हुई। कंपनी ने आरोपी कर्मचारी को नोटिस भी भेजा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने केशव कुमार को सेवा से निष्कासित कर दिया। शाखा प्रबंधक ने रजौन थाना से प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। थाना अध्यक्ष राजरतन ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बांका जिले के रजौन थाना में भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड के एक फील्ड स्टाफ के खिलाफ ऋणधारकों की किस्त की राशि गबन करने का मामला बुधवार को सामने आया है। कंपनी के रजौन शाखा प्रबंधक कैलाश प्रसाद यादव ने इस संबंध में थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड, जो इंडसइंड बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, महिलाओं के समूहों को छोटे ऋण प्रदान करती है और साप्ताहिक किस्तों की वसूली का कार्य करती है। 17 महीने से शाखा में कार्यरत था
रजौन शाखा में कार्यरत फील्ड स्टाफ केशव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने ऋणधारकों से वसूली गई किस्त की राशि को उनके खातों में जमा नहीं किया और उसका गबन कर लिया। शाखा प्रबंधक के अनुसार, आरोपी कर्मचारी लगभग 17 महीने से शाखा में कार्यरत था। उसका मुख्य कार्य फील्ड में जाकर ऋण देना और साप्ताहिक किस्त वसूलना था। यह मामला तब सामने आया जब कुछ ऋणधारकों ने शिकायत की कि उन्होंने पूरी किस्त की राशि कर्मचारी को दे दी थी, लेकिन उनके ऋण खाते में वह राशि जमा नहीं हुई। 1,54,691 रुपए की राशि गबन करने की पुष्टि
क्षेत्रीय कार्यालय की जांच टीम द्वारा की गई पड़ताल में छह ऋणधारकों से कुल 1,54,691 रुपए की राशि गबन करने की पुष्टि हुई। कंपनी ने आरोपी कर्मचारी को नोटिस भी भेजा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने केशव कुमार को सेवा से निष्कासित कर दिया। शाखा प्रबंधक ने रजौन थाना से प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। थाना अध्यक्ष राजरतन ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


