Strait of Hormuz: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालता है यहां से पूरी दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अब इस तेल मार्ग पर फीस वसूली को लेकर नई बहस छिड़ गई है, जहाजों से कौन वसूलेगा ट्रांजिट फीस? इसी सवाल ने वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति व्यवस्था पर नई चिंता खड़ी कर दी। अब ईरान और ओमान की ओर से ट्रांजिट फीस वसूली के प्रस्ताव ने शिपिंग कंपनियों से लेकर ऊर्जा बाजारों तक हलचल बढ़ा दी है। सीजफायर समझौते के बीच सामने आए इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय कानून, समुद्री अधिकार और वैश्विक व्यापार संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

UAE-कतर ने ट्रांजिट फीस प्रस्ताव ठुकराया
खाड़ी देशों जैसे UAE और कतर ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र आवाजाही बनी रहनी चाहिए और किसी भी वित्तीय व्यवस्था पर चर्चा बाद में होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत प्राकृतिक जलमार्गों पर इस तरह की फीस आमतौर पर लागू नहीं होती। इस मुद्दे पर आगे की बातचीत और इसराइल के बीच प्रस्तावित वार्ता में होगी, जो पाकिस्तान में आयोजित की जा सकती है।
जहाजों से सुरक्षित मार्ग के लिए भारी रकम की वसूली
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर हमले रोकने के लिए दो सप्ताह का युद्ध विराम घोषित किया है, जो पाकिस्तान की मध्यस्थता से संभव हुआ। इसमें प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका अहम रही। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में जहाजों पर हमले और मार्ग अवरोध से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सुरक्षित मार्ग के लिए जहाजों ने भारी रकम चुकाई।


