सुपौल के चर्चित वाजिद अली हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। मंगलवार शाम सुपौल सदर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा व खून से सना दविया भी बरामद किया गया है। 2 अप्रैल 2026 को सुपौल थाना क्षेत्र के चकदुमरिया वार्ड नंबर-10 निवासी 25 वर्षीय वाजिद अली के लापता होने की सूचना परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व एसपी सिटी सदर कर रहे थे। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर चंदन कुमार नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि इस घटना को ओम प्रकाश कामत ने अंजाम दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ओम प्रकाश कामत को जोगबनी बाजार, नेपाल बॉर्डर के समीप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ओम प्रकाश कामत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने वाजिद अली की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को पहले अपने घर में छिपाकर रखा गया और बाद में रात के अंधेरे में ई-रिक्शा से ले जाकर खरसावनी पुल के पास बोरे और प्लास्टिक में लपेटकर फेंक दिया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन का मामला इसके साथ ही आरोपी की सूचना पर हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा और खून लगा दविया भी बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद सभी साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। एफएसएल टीम द्वारा इनकी जांच की जा रही है, जिससे मामले में और ठोस प्रमाण मिल सकें। एसपी शरथ आरएस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि मृतक के पास आरोपी से संबंधित एक आपत्तिजनक वीडियो था, जिसके आधार पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसके अलावा दोनों के बीच पैसों के लेन-देन और अवैध गतिविधियों में साझेदारी को लेकर भी विवाद था। इन्हीं कारणों से आरोपी ने हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया। 2 लोगों की हुई गिरफ्तारी एसपी ने यह भी बताया कि फिलहाल इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें मुख्य आरोपी ओम प्रकाश कामत और सहयोगी चंदन कुमार शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता और उनकी पहचान के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कट्टा की बरामदगी के संबंध में पूछे गए सवाल पर एसपी ने बताया कि आरोपी ने हथियार को एक स्थान पर छिपाकर रखा था, जिसे उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया। इसके अलावा कई स्थानों पर छापेमारी की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे खुलासे से जहां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, वहीं मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है। सुपौल के चर्चित वाजिद अली हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। मंगलवार शाम सुपौल सदर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा व खून से सना दविया भी बरामद किया गया है। 2 अप्रैल 2026 को सुपौल थाना क्षेत्र के चकदुमरिया वार्ड नंबर-10 निवासी 25 वर्षीय वाजिद अली के लापता होने की सूचना परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व एसपी सिटी सदर कर रहे थे। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर चंदन कुमार नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि इस घटना को ओम प्रकाश कामत ने अंजाम दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ओम प्रकाश कामत को जोगबनी बाजार, नेपाल बॉर्डर के समीप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ओम प्रकाश कामत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने वाजिद अली की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को पहले अपने घर में छिपाकर रखा गया और बाद में रात के अंधेरे में ई-रिक्शा से ले जाकर खरसावनी पुल के पास बोरे और प्लास्टिक में लपेटकर फेंक दिया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन का मामला इसके साथ ही आरोपी की सूचना पर हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा और खून लगा दविया भी बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद सभी साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। एफएसएल टीम द्वारा इनकी जांच की जा रही है, जिससे मामले में और ठोस प्रमाण मिल सकें। एसपी शरथ आरएस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे ब्लैकमेलिंग और पैसों के लेन-देन का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि मृतक के पास आरोपी से संबंधित एक आपत्तिजनक वीडियो था, जिसके आधार पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसके अलावा दोनों के बीच पैसों के लेन-देन और अवैध गतिविधियों में साझेदारी को लेकर भी विवाद था। इन्हीं कारणों से आरोपी ने हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया। 2 लोगों की हुई गिरफ्तारी एसपी ने यह भी बताया कि फिलहाल इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें मुख्य आरोपी ओम प्रकाश कामत और सहयोगी चंदन कुमार शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता और उनकी पहचान के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कट्टा की बरामदगी के संबंध में पूछे गए सवाल पर एसपी ने बताया कि आरोपी ने हथियार को एक स्थान पर छिपाकर रखा था, जिसे उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया। इसके अलावा कई स्थानों पर छापेमारी की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे खुलासे से जहां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, वहीं मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है।


