मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाह फैलने से हड़कंप मच गया है। इस अफवाह के चलते स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल जान जोखिम में डालकर नदी पार कर खाना पकाने के लिए लकड़ी लाने को मजबूर हैं। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया है कि जिले में पर्याप्त गैस सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। डर से लोग जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर ओरछा तहसील में बनी इस स्थिति ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। गैस सिलेंडर की कमी की आशंका के कारण लोग फिसलन भरे पत्थरों और गहरे पानी से भरी नदी को पार कर रहे हैं। यह जोखिम भरा सफर वे केवल खाना पकाने के लिए लकड़ियां जुटाने हेतु कर रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस चूल्हे मिलने के बावजूद, कई परिवार लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को विवश हैं। इससे धुआं, वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी बोले-गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं खाद्य आपूर्ति अधिकारी सरिता अग्रवाल ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन 1326 गैस सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि केवल 590 सिलेंडर की ही बुकिंग हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। अधिकारी का मानना है कि अफवाहों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है, जिसके कारण वे गैस के बजाय लकड़ियों का सहारा ले रहे हैं।


