इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजस्व न्यायालयों के वकीलों की समस्याओं के निवारण के लिए एक प्रणाली बनाने पर विचार करने की बात कही है। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख तय की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने गौतम द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिका में अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने का मुद्दा उठाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान न्यायालय को सूचित किया गया कि तहसील में न्यायिक कार्य अब सुचारु रूप से चल रहा है। साथ ही, वकीलों की शिकायत का जिलाधिकारी ने संज्ञान भी ले लिया है।


