संभल में मौसम का ‘यू-टर्न’: घर-घर में वायरल, जिला अस्पताल में उमड़ी बीमारों की भारी भीड़

संभल में मौसम का ‘यू-टर्न’: घर-घर में वायरल, जिला अस्पताल में उमड़ी बीमारों की भारी भीड़

Viral Fever Sambhal: जनपद संभल में इन दिनों मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय जहां हल्की ठंडक महसूस होती है, वहीं दोपहर में सूरज की तपिश और बढ़ती गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस तापीय उतार-चढ़ाव के कारण जनपद में वायरल बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है।

आलम यह है कि सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में मरीजों का तांता लगा हुआ है। लोग वायरल फीवर, टाइफाइड और बदन दर्द जैसी शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं।

जिला अस्पताल में मरीजों का रेला

एक ही दिन में 1000 से अधिक मरीज पहुंचे अस्पताल, घंटों कतार में लगे रहे लोग। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी (OPD) में मरीजों का सैलाब उमड़ पड़ा। आंकड़ों की बात करें तो अस्पताल में 573 नए पंजीकरण किए गए, जबकि करीब 500 पुराने मरीज भी परामर्श के लिए पहुंचे।

अचानक बढ़ी इस भीड़ के कारण अस्पताल परिसर में पैर रखने की जगह नहीं बची। पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों को लंबी लाइनों में घंटों इंतजार करना पड़ा। मरीजों की अधिक संख्या ने स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों पर भी अतिरिक्त दबाव बना दिया है।

बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा

कमजोर इम्यूनिटी पर भारी पड़ रहा है वायरल अटैक, सांस के मरीजों की बढ़ी परेशानी, चिकित्सकों के अनुसार इस समय वायरल फीवर के साथ-साथ टाइफाइड, मलेरिया और सांस संबंधी समस्याओं के मामले तेजी से बढ़े हैं। खासकर बच्चों में खांसी, जुकाम और दस्त (डायरिया) की शिकायतें आम हो गई हैं।

डॉ. ए.के. त्यागी (बाल रोग विशेषज्ञ) ने बताया कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) वयस्कों की तुलना में कम होती है, इसलिए वे इस मौसम के बदलाव की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। वहीं, बुजुर्गों में अस्थमा और सांस लेने की तकलीफ के मामले भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

सावधानी ही बचाव: डॉक्टरों की सलाह

फिजिशियन डॉ. प्रशांत वार्ष्णेय ने जनता से अपील की है कि वे इस बदलते मौसम को हल्के में न लें। उन्होंने सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाव के लिए घरों के आसपास जलभराव न होने दें। यदि कहीं पानी जमा है, तो उसमें डीजल या जला हुआ तेल डालें ताकि मच्छरों का लार्वा न पनप सके। बच्चों को ठंडी चीजों से दूर रखें और उन्हें गुनगुना पानी पीने के लिए दें। समय पर उचित खान-पान और साफ-सफाई ही इन संक्रमणों से बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।

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