‘ट्रंप का ब्लैकआउट अल्टीमेटम’, ईरानी संगीतकार ने दांव पर लगाई अपनी जान, पहुंचे पावर प्लांट

‘ट्रंप का ब्लैकआउट अल्टीमेटम’, ईरानी संगीतकार ने दांव पर लगाई अपनी जान, पहुंचे पावर प्लांट

Middle East War: दुनिया इस समय एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठी नजर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने युद्ध की आहट तेज कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाल ही में ‘बमबारी’ वाली धमकी के बाद पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर टिकी हुई हैं। लेकिन इसी खौफनाक मंजर के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। ईरान के मशहूर संगीतकार अली घमसारि ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक ऐसा विरोध प्रदर्शन किया है, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।

पावर प्लांट बना घमसारी का नया मंच (Iranian artist Ali Ghamsari performs in front of power plant)

तेहरान के पास स्थित दमावंद पावर प्लांट, जो पूरे ईरान की लगभग आधी बिजली सप्लाई करता है, इस वक्त अमेरिकी मिसाइलों के निशाने पर है। इसी खतरे के बीच अली घमसारी अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘टार’ (Tar) के साथ वहां पहुंच गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वह प्लांट के सामने बैठकर शांति से अपना वाद्य यंत्र बजाते नजर आ रहे हैं। घमसारी का कहना है कि वह तब तक वहां से नहीं हटेंगे जब तक हमलों का खतरा टल नहीं जाता। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अगर इस कोशिश में मेरी जान भी चली जाए, तो मुझे गम नहीं, लेकिन मैं अपने देश के अंधेरे को रोकने के लिए संगीत बनाता रहूंगा।”

Iranian artist Ali Ghamsari performs in front of power plant

ईरानी सरकार ने लोगों से की अपील (Donald Trump On Iran Power Plant)

दरअसल, अली घमसारी का यह कदम ईरानी सरकार की उस अपील के बाद आया है जिसमें नागरिकों, कलाकारों और खिलाड़ियों से अपील की गई थी कि वह देश के पावर प्लांट्स, एनर्जी स्टेशनों और परमाणु केंद्रों के चारों ओर इकट्ठा हों। ईरान का मानना है कि इन संवेदनशील जगहों पर अगर आम नागरिक ‘मानव श्रृंखला’ बनाकर रहेंगे, तो अमेरिका और इजरायल वहां बमबारी करने से कतराएंगे। दमावंद प्लांट क्योंकि तेहरान की लाइफलाइन है, इसलिए घमसारी ने इसे ही अपना ठिकाना चुना है।

ट्रंप की चेतावनी- चुकानी होगी बड़ी कीमत

यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस हालिया धमकी के बाद तेज हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान को ‘बड़ी कीमत’ चुकाने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को लेकर उनकी मांगें नहीं मानी गईं और सीजफायर पर सहमति नहीं बनी, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों और पुलों को मटियामेट कर देगा। अगर अमेरिका इन प्लांट्स पर हमला करता है, तो पूरे ईरान में गहरा ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, जिससे अस्पताल और जरूरी सेवाएं ठप पड़ सकती हैं।

जंग और उम्मीद के बीच का संघर्ष

एक तरफ ट्रंप के सख्त तेवर हैं और दूसरी तरफ ईरान की अपनी शर्तें। इस राजनीतिक खींचतान के बीच अली घमसारी जैसे कलाकार अपनी कला को ढाल बनाकर खड़े हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि घमसारी की यह कोशिश युद्ध के दौरान जरूरी संसाधनों को बचाने का एक प्रतीकात्मक लेकिन साहसी प्रयास है। अब देखना यह है कि क्या ‘टार’ की ये मधुर धुनें आधुनिक युद्धक विमानों और मिसाइलों की रफ्तार को रोक पाएंगी या नहीं। फिलहाल, दमावंद पावर प्लांट के बाहर गूंजता यह संगीत दुनिया को शांति का संदेश दे रहा है।

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