शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रदेश के निजी स्कूलों में अपने बच्चों के निशुल्क प्रवेश की राह देख रहे हजारों अभिभावकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के टाइम-फ्रेम में अहम बदलाव किया है। लॉटरी के बाद जिन बच्चों के दस्तावेजों में स्कूल स्तर पर सत्यापन के दौरान कमियां निकाली गई थीं, उनके अभिभावक मंगलवार से अपने दस्तावेजों में संशोधन कर उन्हें पोर्टल पर फिर से अपलोड कर सकेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश और संशोधित समय सारणी जारी कर दी है। आदेश जारी होने के साथ ही जिले भर के अभिभावक अपने-अपने बच्चों के आवेदन रही खामियों को सुधारने में लग गए है। वही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भी इसके लिए समय मिल गया है।
अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए फैसला
पूर्व में जारी टाइम-फ्रेम के अनुसार प्रथम चरण के तहत 17 से 25 मार्च तक स्कूलों की ओर से दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था। इस दौरान कई आवेदनों में दस्तावेजों की कमी के चलते आपत्तियां दर्ज की गई थीं। अब निदेशालय ने अभिभावकों को इन आपत्तियों को दूर करने के लिए 9 अप्रेल तक का समय दिया है।
तीन चरणों में पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब प्रवेश प्रक्रिया को तीन चरणों में सुव्यवस्थित किया गया है। प्रथम चरण के बाद जो सीटें रिक्त रहेंगी, उन पर द्वितीय चरण का आवंटन 21 अप्रेल को राज्य स्तर पर एनआईसी की ओर से किया जाएगा। इसके बाद भी यदि आवश्यकता पड़ी तो 12 मई को तृतीय चरण का आवंटन किया जाएगा।
आरटीई प्रवेश का नया संशोधित कार्यक्रम
प्रथम चरण चल रहा है
- 9 अप्रेलतक: अभिभावक दस्तावेज संशोधन व री-अपलोड कर सकते।
- 17 अप्रेलतक:सीबीईओस्तर पर परिवादों का निस्तारण
– द्वितीय चरण
- 21 अप्रेल:एनआईसी द्वारा सीट आवंटन
- 28 अप्रेलतक: स्कूलों द्वारा दस्तावेज सत्यापन
- 30 अप्रेलतक: दस्तावेज संशोधन व री-अपलोड
- 8 मई तक: परिवाद निस्तारण
– तृतीय चरण, शेष रिक्त सीटे रहने पर
- 12 मई : सीट आवंटन
- 14 मई तक: दस्तावेज सत्यापन
- 18 मई तक: दस्तावेज संशोधन व री-अपलोड
- 20 मई तक: परिवाद निस्तारण


