बांका के पापहरणी सरोवर में युवक की डूबने से मौत:नहाते समय पैर फिसला, गहराई में चला गया; 3 घंटे बाद मिला शव

बांका के पापहरणी सरोवर में युवक की डूबने से मौत:नहाते समय पैर फिसला, गहराई में चला गया; 3 घंटे बाद मिला शव

बांका के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित पापहरणी सरोवर में सोमवार शाम एक युवक की डूबने से मौत हो गई। आशीष कुमार (22) स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चला गया। घटना के बाद सरोवर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।गोताखोरों ने 3 घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद देर शाम युवक का शव बरामद किया। काफी मशक्कत के बाद बरामद हुआ शव। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी आशीष कुमार अपने चचेरे भाई दिलखुश कुमार के साथ पापहरणी सरोवर में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान आशीष का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दिलखुश ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। इस दौरान दिलखुश भी डूबने लगा, जिसे आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। लगभग दो घंटे बाद गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, गोताखोरों की अनुपलब्धता के कारण युवक की तलाश तुरंत शुरू नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, लगभग दो घंटे बाद गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और सरोवर में आशीष की खोजबीन शुरू की। काफी देर की मशक्कत के बाद देर शाम गोताखोरों ने आशीष कुमार का शव सरोवर से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीडीओ से बहस इस दौरान मृतक के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीडीओ से बहस की। परिजनों का कहना था कि आशीष के डूबने की सूचना मिलते ही वे पूर्णिया से पापहरणी पहुंच गए थे, लेकिन गोताखोरों को पहुंचने में काफी देर लगी। उनका आरोप था कि यदि समय पर गोताखोर पहुंच जाते तो शायद आशीष की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों और स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पापहरणी सरोवर जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और स्थायी गोताखोरों की तैनाती नहीं है। उनका कहना था कि सरोवर के गहरे हिस्सों में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। गहरे पानी वाले हिस्से में बैरिकेडिंग लगाने की बात कही गई थी लोगों ने बताया कि सरोवर की सफाई के दौरान गहरे पानी वाले हिस्से में बैरिकेडिंग लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक यह व्यवस्था नहीं की गई, जिसे विभाग और संवेदक दोनों की लापरवाही बताया जा रहा है। मृतक की मां शोभा देवी, पिता सुभाष राय और भाइयों गोलू तथा प्रिंस का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पापहरणी सरोवर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा आगे की कार्रवाई की जा रही है। बांका के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित पापहरणी सरोवर में सोमवार शाम एक युवक की डूबने से मौत हो गई। आशीष कुमार (22) स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चला गया। घटना के बाद सरोवर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।गोताखोरों ने 3 घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद देर शाम युवक का शव बरामद किया। काफी मशक्कत के बाद बरामद हुआ शव। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी आशीष कुमार अपने चचेरे भाई दिलखुश कुमार के साथ पापहरणी सरोवर में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान आशीष का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दिलखुश ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। इस दौरान दिलखुश भी डूबने लगा, जिसे आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। लगभग दो घंटे बाद गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, गोताखोरों की अनुपलब्धता के कारण युवक की तलाश तुरंत शुरू नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, लगभग दो घंटे बाद गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और सरोवर में आशीष की खोजबीन शुरू की। काफी देर की मशक्कत के बाद देर शाम गोताखोरों ने आशीष कुमार का शव सरोवर से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीडीओ से बहस इस दौरान मृतक के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीडीओ से बहस की। परिजनों का कहना था कि आशीष के डूबने की सूचना मिलते ही वे पूर्णिया से पापहरणी पहुंच गए थे, लेकिन गोताखोरों को पहुंचने में काफी देर लगी। उनका आरोप था कि यदि समय पर गोताखोर पहुंच जाते तो शायद आशीष की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों और स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पापहरणी सरोवर जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और स्थायी गोताखोरों की तैनाती नहीं है। उनका कहना था कि सरोवर के गहरे हिस्सों में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। गहरे पानी वाले हिस्से में बैरिकेडिंग लगाने की बात कही गई थी लोगों ने बताया कि सरोवर की सफाई के दौरान गहरे पानी वाले हिस्से में बैरिकेडिंग लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक यह व्यवस्था नहीं की गई, जिसे विभाग और संवेदक दोनों की लापरवाही बताया जा रहा है। मृतक की मां शोभा देवी, पिता सुभाष राय और भाइयों गोलू तथा प्रिंस का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पापहरणी सरोवर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

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