भीलवाड़ा जिले में खनन माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं और अवैध खनन की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा सोमवार को हुआ। बीगोद थाना क्षेत्र के खटवाड़ा गांव में खेतों के बीच चोरी-छिपे चल रहे अवैध गारनेट (कीमती पत्थर) के एक कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। बिजौलियां खनिज विभाग की टीम ने यहां दबिश देकर मौके से 5 टन अवैध गारनेट और उसे साफ करने वाली सेपरेटर मशीन जब्त की है। विभाग ने इस मामले में एक आरोपी के खिलाफ बीगोद थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि जिले में अब भी अवैध गारनेट के कारखाने चल रहे है।
टीम को देख भागे माफिया
बिजौलियां के खनिज अभियंता पीके अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को सूचना मिली थी कि खटवाड़ा गांव के पास एक खेत में अवैध रूप से गारनेट साफ करने का कारोबार चल रहा है। इस पर विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर दबिश दी। टीम ने देखा कि वहां बकायदा सेपरेटर मशीन लगाकर गारनेट साफ करने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा था। हालांकि, खनिज विभाग की टीम के पहुंचने की भनक लगते ही वहां काम कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे मौके से भागने में कामयाब रहे।
भागचंद बैरवा के खिलाफ मामला दर्ज
अग्रवाल ने बताया कि मौके से करीब 5 टन गारनेट और वहां स्थापित सेपरेटर मशीन को जब्त कर लिया है। विभाग की प्रारंभिक छानबीन और सबूतों के आधार पर आरोपी भागचंद बैरवा के खिलाफ बीगोद पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
जब खदान ही नहीं, तो कहां से आया 5 टन गारनेट
इस कार्रवाई ने सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विभाग के अधिकारियों का ही कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में गारनेट की एक भी वैध खदान स्वीकृत नहीं है। ऐसे में इतनी मात्रा में 5 टन गारनेट यहां कैसे पहुंचा। इसे किस इलाके से अवैध रूप से खनन कर यहां लाया गया था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे सफेदपोश आका कौन हैं। यह पुलिस और खनिज विभाग की आगे की जांच का मुख्य बिंदु होगा।


