बलिया के रामगढ़/गंगापुर हुकुम छपरा स्थित महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम द्वारा आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का गंगा महाआरती और भंडारे के साथ समापन हो गया। इस दौरान देर रात तक चले भण्डारे में लगभग 35 हजार श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। इसमें साधु-संतों, स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गुरुकुलम के संस्थापक आचार्य मोहित पाठक ने साधु-संतों और ब्राह्मणों को अंगवस्त्रम एवं दक्षिणा देकर ससम्मान प्रसाद ग्रहण कराया। इस अवसर पर गुरुकुलम के संस्थापक आचार्य मोहित पाठक ने एक विशेष घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से एक अद्भुत संयोग देखने को मिल रहा है। आचार्य पाठक के अनुसार, ठीक भंडारे के दिन मां गंगा के जलस्तर में स्वतः वृद्धि हो जाती है। उन्होंने इसे साक्षात ईश्वरीय संकेत और मां गंगा की असीम कृपा बताया, जिसके तहत वे स्वयं उत्सव की साक्षी बनती हैं। आचार्य मोहित पाठक ने लोक कल्याण के लिए भगवान श्री लक्ष्मी नारायण से प्रार्थना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सेवादारों और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया।


