बलिया में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त सलमान उर्फ समादन को 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 35 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद आया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या 08 ने थाना पकड़ी पर पंजीकृत मु0अ0सं0-109/2025 के तहत अभियुक्त सलमान उर्फ समादन पुत्र आफताब निवासी पकड़ी, थाना पकड़ी, जनपद बलिया को दोषी पाया। धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत उसे 25 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त, अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत भी सजा सुनाई गई। धारा 137 बीएनएस में उसे 05 वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया, जिसके अदा न होने पर 03 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा। वहीं, धारा 87 बीएनएस में 07 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसे अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि वादी ने 29 सितंबर 2025 को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, अभियुक्त सलमान उर्फ समादन ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा लिया था। इस शिकायत के आधार पर थाना पकड़ी द्वारा नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई और मामले को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मामले में अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय ने पैरवी की।


