डाक्टर अफजाल ने पिछले दस साल से खुशहाल नगर में अपना क्लीनिक खोला हुआ था। मेरे यहां तो केवल सात-आठ महीने पहले ही आया था। उसमें भी चार महीने का किराया डाक्टर अफजाल ने नहीं दिया है। वैसे वह नोटों की गड्डी से खेलता दिखाई दे रहा है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि किसी डाक्टर के चेहरे के पीछे ऐसा चेहरा छिपा होगा…! यह कहना है खुशहाल नगर निवासी बिलाल का, जिनके मकान के अगले हिस्से में बनी दुकान में किडनी कांड का आरोपी डाक्टर अफजाल सात महीने से अपना क्लीनिक चला रहा था। बिलाल ने डाक्टर अफजाल को किराए पर यह दुकान दे रखी थी। करीब पंद्रह दिन पहले बिलाल ने आखिरी बार डाक्टर अफजाल को देखा था। उसके बाद से केवल क्लीनिक पर काम करने वाला कर्मचारी ही यहां दिखाई दिया है। पहले जानते हैं कौन हैं डाक्टर अफजाल
कानपुर पुलिस ने हाल ही में किडनी ट्रांसप्लांट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। आरोप है कि यह गिरोह डॉक्टरों और निजी अस्पतालों के साथ मिलकर बिना कानूनी अनुमति के किडनी ट्रांसप्लांट कर रहा था। जिन लोगों के नाम निकलकर सामने आए, उनमें मेरठ के डाक्टर अफजाल का नाम भी शामिल था। महत्वपूर्ण बात यह रही कि छानबीन में मेरठ के डाक्टर अफजाल की प्रमुख भूमिका निकलकर सामने आयी, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही है। मकबरा निवासी, लिसाड़ीगेट नया ठिकाना
डाक्टर अफजाल पुत्र शब्बीर रेलवे रोड थाना क्षेत्र में मकबरा आबू से सटे मोहल्ला बजरिया का रहने वाला था। वह दस वर्ष से लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के खुशहाल नगर में अपनी एक रिश्तेदार के घर में बनी दुकानों में क्लीनिक चलाता आ रहा था। कुछ महीने पहले ही उसने अपना क्लीनिक पास ही नई दुकान में शिफ्ट किया था। एक आलीशान घर भी उसने यहां बनाया है। दूसरे डाक्टर का सेटअप संभाला
दुकान मालिक बिलाल बताते हैं कि उनकी दुकान में आदिल नाम के एक डाक्टर का क्लीनिक था। उनके साथ कुछ समस्या हुई और उन्होंने दुकान बंद कर दी। उनका अच्छा खासा सेटअप लगा था। यह बात डाक्टर अफजाल को पता चला और उन्होंने पूरे सेटअप डाक्टर आदिल से खरीद लिया। पुरानी दुकान के आस पास गंदगी जलभराव रहता था, जिस कारण मरीज भी परेशान होते थे। चार माह का नहीं दिया किराया
सोमवार को डाक्टर अफजल का इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह नोटों की गड्डियों से खेलते दिखाई दे रहे हैं। बिलाल का कहना है कि वह समझ नहीं पा रहे कि जिस व्यक्ति के पास इतनी दौलत है, वह उनका चार महीने से किराया नहीं दे रहा था। वह बिजली का बिल तक जमा नहीं कर पा रहे हैं। डर है कि कहीं बिजली ना कट जाए। न्यूज सुनकर हक्के बक्के रह गए लोग
दैनिक भास्कर की टीम से डाक्टर अफजाल को लेकर बातचीत करते हुए लोगों ने पूरे प्रकरण पर खासी हैरानी जताई। लोग बोले- डाक्टर का व्यवहार बहुत अच्छा था। कभी किसी से कोई विवाद या मनमुटाव नहीं हुआ। अब जब उसकी कारगुजारी सामने आ रही है तो दिल सहम रहा है। अफजाल से इलाज कराने वाले दहशत में हैरानी का आलम यह है कि लोग तरह तरह की टिप्पणी डाक्टर अफजाल को लेकर कर रहे हैं। क्षेत्रीय निवासी जफर अली का कहना है कि किडनी रैकेट को सोचकर ही दिल सहम जाता है। काफी लोग डाक्टर अफजाल से इलाज लेते थे। जफर ने चुटकी लेते हुए कहा कि हो सकता है कि कुछ लोग अपने टेस्ट भी कराएं। कहीं ऐसा तो नहीं कि उनकी किडनी भी चुपके से निकाल ली हो।


