गयाजी में मगध मेडिल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को स्ट्रेचर नहीं मिला। जिसके बाद एक युवक अपनी बीमार दादी प्यारी देवी को स्कूटी से निजी अस्पताल लेकर गया। जिसका वीडियो भी सामने आया है। प्यारी देवी को सांस लेने में तकलीफ थी। पोते ने उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजन का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज को तुरंत इलाज नहीं मिला। डॉक्टर पर नहीं थे। मरीज की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। इसलिए परिजन ने निजी अस्पताल ले जाने का फैसला लिया। परिजन ने स्ट्रेचर मांगा तो वो भी नहीं मिला। इलाज होता तो मरीजो को न ले जाते परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं मिलतीं, तो उन्हें मरीज को इस तरह जोखिम उठाकर ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने इस घटना को अस्पताल की लापरवाही और अमानवीय बताया।
अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गयाजी में मगध मेडिल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को स्ट्रेचर नहीं मिला। जिसके बाद एक युवक अपनी बीमार दादी प्यारी देवी को स्कूटी से निजी अस्पताल लेकर गया। जिसका वीडियो भी सामने आया है। प्यारी देवी को सांस लेने में तकलीफ थी। पोते ने उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजन का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज को तुरंत इलाज नहीं मिला। डॉक्टर पर नहीं थे। मरीज की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। इसलिए परिजन ने निजी अस्पताल ले जाने का फैसला लिया। परिजन ने स्ट्रेचर मांगा तो वो भी नहीं मिला। इलाज होता तो मरीजो को न ले जाते परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं मिलतीं, तो उन्हें मरीज को इस तरह जोखिम उठाकर ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने इस घटना को अस्पताल की लापरवाही और अमानवीय बताया।
अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


