शीतला माता मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश वर्जित:बाहर से ही करने होंगे दर्शन, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मजिस्ट्रेट रहेंगे

शीतला माता मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश वर्जित:बाहर से ही करने होंगे दर्शन, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मजिस्ट्रेट रहेंगे

बिहार शरीफ के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में बीते मंगलवार को हुई दुखद घटना के बाद आज पहला मंगलवार है। पिछले सप्ताह मंदिर परिसर में मची भगदड़ के दौरान आठ महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन इस बार पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके। भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पुलिस बैरिकेडिंग के जरिए पूरे परिसर में जिग-जैग कतार की व्यवस्था की है। माता शीतला मंदिर में मंगलवार के दिन विशेष आस्था के कारण उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए 2 दर्जन से अधिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, जिनके साथ भारी संख्या में पुलिस बल को सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंदिर की देखरेख का जिम्मा धार्मिक न्यास बोर्ड के पास प्रशासन ने उस खतरनाक सीढ़ीनुमा संरचना को भी पूरी तरह हटा दिया है जहां पिछले दिनों बांस टूटने के कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हुई थी। अब उस स्थान पर एक सुरक्षित रैंप का निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी बाधा के प्रांगण से आंगन और फिर गर्भगृह के करीब तक पहुंच सकें। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के गर्भगृह के भीतर जाकर पूजा करने पर रोक लगा दी है। अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर लगाए गए स्टैंड से ही माता के दर्शन करेंगे और अपनी पूजा संपन्न करेंगे। अब मंदिर की देखरेख का जिम्मा धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन आ गया है और वर्तमान में सदर एसडीओ इसके प्रशासनिक कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
पर्याप्त मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किए गए हैं सदर एसडीओ क्रिषलय श्रीवास्तव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए फिलहाल जिग-जैग कतारों के साथ-साथ पर्याप्त मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किए गए हैं। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए मंदिर की बनावट में कुछ महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव भी किए जाएंगे, जिसमें मंदिर प्रांगण में एक स्थाई जिग-जैग मार्ग का निर्माण भी शामिल है। फिलहाल प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैदी से तैनात है ताकि आस्था के इस महापर्व पर सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो। बिहार शरीफ के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में बीते मंगलवार को हुई दुखद घटना के बाद आज पहला मंगलवार है। पिछले सप्ताह मंदिर परिसर में मची भगदड़ के दौरान आठ महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन इस बार पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके। भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पुलिस बैरिकेडिंग के जरिए पूरे परिसर में जिग-जैग कतार की व्यवस्था की है। माता शीतला मंदिर में मंगलवार के दिन विशेष आस्था के कारण उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए 2 दर्जन से अधिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, जिनके साथ भारी संख्या में पुलिस बल को सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंदिर की देखरेख का जिम्मा धार्मिक न्यास बोर्ड के पास प्रशासन ने उस खतरनाक सीढ़ीनुमा संरचना को भी पूरी तरह हटा दिया है जहां पिछले दिनों बांस टूटने के कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हुई थी। अब उस स्थान पर एक सुरक्षित रैंप का निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी बाधा के प्रांगण से आंगन और फिर गर्भगृह के करीब तक पहुंच सकें। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के गर्भगृह के भीतर जाकर पूजा करने पर रोक लगा दी है। अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर लगाए गए स्टैंड से ही माता के दर्शन करेंगे और अपनी पूजा संपन्न करेंगे। अब मंदिर की देखरेख का जिम्मा धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन आ गया है और वर्तमान में सदर एसडीओ इसके प्रशासनिक कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
पर्याप्त मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किए गए हैं सदर एसडीओ क्रिषलय श्रीवास्तव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए फिलहाल जिग-जैग कतारों के साथ-साथ पर्याप्त मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किए गए हैं। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए मंदिर की बनावट में कुछ महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव भी किए जाएंगे, जिसमें मंदिर प्रांगण में एक स्थाई जिग-जैग मार्ग का निर्माण भी शामिल है। फिलहाल प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैदी से तैनात है ताकि आस्था के इस महापर्व पर सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *