दरभंगा में एक दुष्कर्म पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उससे एफआईआर दर्ज कराने के नाम पर 30 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई है। इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की निवासी 18 वर्षीय पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि मोहनपुर गांव निवासी मोहम्मद नईम (21) पिछले एक साल से उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण कर रहा था। नईम उसके चचेरे भाई मोहम्मद इरफान के माध्यम से घर आता-जाता था और बाद में मोबाइल नंबर लेकर बातचीत शुरू की। पीड़िता के अनुसार, 23 मार्च 2026 को जब उसकी मां घर से बाहर थीं, तब रात करीब 11 बजे नईम जबरन उसके घर में घुस आया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर उसकी भाभी जाग गईं और आसपास के लोग जमा हो गए। घटना के बाद, नईम के परिजनों—उसकी मां अजमेरी खातून, मोहम्मद इसराईल और मोहम्मद मुस्तकीम—ने 24 मार्च को पीड़िता के घर पहुंचकर मामले को दबाने और एक लाख रुपये का समझौता करने का दबाव बनाया, जिसे पीड़िता के परिवार ने ठुकरा दिया। पीड़िता ने बताया कि पहले वह सिंहवाड़ा थाना गई, लेकिन वहां आवेदन नहीं लिया गया। बाद में महिला थाना में उसकी शिकायत दर्ज हुई। पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मद लाडले (निवासी ग्राम बसंत, थाना कटरा, जिला मुजफ्फरपुर) ने एफआईआर दर्ज कराने के नाम पर उससे 30,000 रुपये नकद लिए। लाडले ने उसे सिंहवाड़ा थाना से महिला थाना जाने की सलाह दी थी। पीड़िता का कहना है कि वह लाडले को पंचायत के दौरान ही जान पाई थी। पीड़िता ने एसएसपी को दिए अपने आवेदन में महिला थाना कांड संख्या 41/26 के अभियुक्तों की गिरफ्तारी और सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 111/26 में दर्ज फर्जी प्राथमिकी की जांच की मांग की है। उसने आरोप लगाया है कि मोहम्मद नईम और मोहम्मद लाडले ने मिलकर उसके खिलाफ दबाव बनाने के उद्देश्य से अपने रिश्तेदार सईदा खातून के माध्यम से सिंहवाड़ा थाना में फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई है। दूसरी ओर, मोहम्मद नईम की चाची सैदा खातून (35) ने सिंहवाड़ा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने मोहम्मद मुस्तुफा, सलिम नदाफ, अकबर, मोहम्मद तुफैल और मुन्नी खातून पर आरोप लगाया है। सैदा खातून के अनुसार, 23 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे उनके भतीजे मोहम्मद नईम (20) को पुल पर से पकड़कर जबरन मुमताज खातून (मोहम्मद सलिम की बहन) से शादी कराने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर नईम के साथ मारपीट की गई और उसके गले से सोने की चेन व आईफोन छीन लिया गया। सैदा खातून ने अपनी शिकायत में बताया कि जब नईम के माता-पिता ने सामाजिक बैठक बुलाई, तो आरोपी पक्ष ने समाज के फैसले को मानने से इनकार कर दिया। 3 अप्रैल 2026 को रात करीब 10:30 बजे उक्त सभी अभियुक्त लाठी, रॉड और गरासा जैसे हथियारों से लैस होकर अजमेरी खातून (नईम की मां) के घर में घुस आए। उन्होंने तोड़फोड़ की, अजमेरी खातून को बाल पकड़कर जमीन पर पटका और घसीटा। मारपीट के दौरान अश्लील हरकतें की गईं और अकबर ने अजमेरी खातून के साथ छेड़छाड़ की। मुस्तुफा ने गरासा से अजमेरी खातून के सर पर तीन बार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। मोहम्मद अलीम ने बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता कुमारी ने पुष्टि की है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सिंहवाड़ा थाना प्रभारी बसंत कुमार ने भी बताया कि सैदा खातून का आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस मामले की जांच दारोगा कमलेश मिश्रा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की गहनता से जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। दरभंगा में एक दुष्कर्म पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उससे एफआईआर दर्ज कराने के नाम पर 30 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई है। इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की निवासी 18 वर्षीय पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि मोहनपुर गांव निवासी मोहम्मद नईम (21) पिछले एक साल से उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण कर रहा था। नईम उसके चचेरे भाई मोहम्मद इरफान के माध्यम से घर आता-जाता था और बाद में मोबाइल नंबर लेकर बातचीत शुरू की। पीड़िता के अनुसार, 23 मार्च 2026 को जब उसकी मां घर से बाहर थीं, तब रात करीब 11 बजे नईम जबरन उसके घर में घुस आया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर उसकी भाभी जाग गईं और आसपास के लोग जमा हो गए। घटना के बाद, नईम के परिजनों—उसकी मां अजमेरी खातून, मोहम्मद इसराईल और मोहम्मद मुस्तकीम—ने 24 मार्च को पीड़िता के घर पहुंचकर मामले को दबाने और एक लाख रुपये का समझौता करने का दबाव बनाया, जिसे पीड़िता के परिवार ने ठुकरा दिया। पीड़िता ने बताया कि पहले वह सिंहवाड़ा थाना गई, लेकिन वहां आवेदन नहीं लिया गया। बाद में महिला थाना में उसकी शिकायत दर्ज हुई। पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मद लाडले (निवासी ग्राम बसंत, थाना कटरा, जिला मुजफ्फरपुर) ने एफआईआर दर्ज कराने के नाम पर उससे 30,000 रुपये नकद लिए। लाडले ने उसे सिंहवाड़ा थाना से महिला थाना जाने की सलाह दी थी। पीड़िता का कहना है कि वह लाडले को पंचायत के दौरान ही जान पाई थी। पीड़िता ने एसएसपी को दिए अपने आवेदन में महिला थाना कांड संख्या 41/26 के अभियुक्तों की गिरफ्तारी और सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 111/26 में दर्ज फर्जी प्राथमिकी की जांच की मांग की है। उसने आरोप लगाया है कि मोहम्मद नईम और मोहम्मद लाडले ने मिलकर उसके खिलाफ दबाव बनाने के उद्देश्य से अपने रिश्तेदार सईदा खातून के माध्यम से सिंहवाड़ा थाना में फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई है। दूसरी ओर, मोहम्मद नईम की चाची सैदा खातून (35) ने सिंहवाड़ा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने मोहम्मद मुस्तुफा, सलिम नदाफ, अकबर, मोहम्मद तुफैल और मुन्नी खातून पर आरोप लगाया है। सैदा खातून के अनुसार, 23 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे उनके भतीजे मोहम्मद नईम (20) को पुल पर से पकड़कर जबरन मुमताज खातून (मोहम्मद सलिम की बहन) से शादी कराने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर नईम के साथ मारपीट की गई और उसके गले से सोने की चेन व आईफोन छीन लिया गया। सैदा खातून ने अपनी शिकायत में बताया कि जब नईम के माता-पिता ने सामाजिक बैठक बुलाई, तो आरोपी पक्ष ने समाज के फैसले को मानने से इनकार कर दिया। 3 अप्रैल 2026 को रात करीब 10:30 बजे उक्त सभी अभियुक्त लाठी, रॉड और गरासा जैसे हथियारों से लैस होकर अजमेरी खातून (नईम की मां) के घर में घुस आए। उन्होंने तोड़फोड़ की, अजमेरी खातून को बाल पकड़कर जमीन पर पटका और घसीटा। मारपीट के दौरान अश्लील हरकतें की गईं और अकबर ने अजमेरी खातून के साथ छेड़छाड़ की। मुस्तुफा ने गरासा से अजमेरी खातून के सर पर तीन बार वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। मोहम्मद अलीम ने बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता कुमारी ने पुष्टि की है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सिंहवाड़ा थाना प्रभारी बसंत कुमार ने भी बताया कि सैदा खातून का आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस मामले की जांच दारोगा कमलेश मिश्रा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की गहनता से जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।


