संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उनसे मिलने की चाहत में वह हर संभव प्रयास करते हैं, कोई पैदल चल कर तो कोई दंडवती करता हुआ वृंदावन पहुंचता है। ऐसा ही एक भक्त आगरा के अकोला से 90 किलोमीटर अपने शरीर से गाड़ी को बांधकर खींचता हुआ वृंदावन पहुंचा। इस भक्त की श्रद्धा देख हर कोई हैरान रह गया। आस्था और शक्ति का संगम भक्ति के मार्ग पर समर्पण की कई तस्वीरें सामने आती हैं, लेकिन आगरा के अकोला चाहर वाटी के गौरव चाहर ने अपनी अटूट श्रद्धा से सबको हैरान कर दिया है। गौरव चाहर आगरा से करीब 90 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी कर कान्हा की नगरी वृंदावन पहुँचे। विशेष बात यह है कि गौरव ने यह दूरी सामान्य रूप से पैदल चलकर नहीं, बल्कि अपनी कमर से भारी गाड़ी को खींचते हुए तय की। 2 अप्रैल को शुरू की थी यात्रा गौरव चाहर ने अपनी यह अनूठी पदयात्रा 2 अप्रैल को आगरा के अकोला से प्रारंभ की थी। तपती धूप और शारीरिक चुनौतियों को मात देते हुए वे रविवार को वह वृंदावन की पावन धरा पर पहुँचे। इस चुनौतीपूर्ण सफर में उनके पिता, परिजन और दोस्त पूरे समय उनके साथ रहे और उनका उत्साहवर्धन करते रहे। गौरव के साहस की हो रही सराहना वृन्दावन पहुँचने के बाद गौरव चाहर का मुख्य उद्देश्य प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करना और उनसे वार्ता कर आशीर्वाद प्राप्त करना है। गौरव के अनुसार संत प्रेमानंद के प्रति उनकी गहरी आस्था ही उन्हें इस कठिन साधना को पूरा करने की शक्ति प्रदान कर रही है। 90 किलोमीटर तक गाड़ी खींचकर वृन्दावन पहुँचने के इस साहसिक कार्य की स्थानीय लोग और श्रद्धालु जमकर सराहना कर रहे हैं।


