जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मंझवे गांव के समीप हुई, जहां एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने सड़क किनारे खेल रही बच्ची को कुचल दिया। मृतक की पहचान सालिया परवीन के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे सालिया अपने घर के पास खेलते हुए सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान नदी घाट की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक मुख्य सड़क को जाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सरकारी योजनाओं और मुआवजे का आश्वासन सूचना मिलने के बाद टाउन थाना पुलिस, बीडीओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सरकारी योजनाओं के तहत मुआवजा देने और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए तेज रफ्तार और अनियंत्रित बालू ढोने वाले ट्रैक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रैक्टर तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सड़क सुरक्षा और अवैध बालू परिवहन रोकें इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और अवैध बालू परिवहन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और रफ्तार पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मंझवे गांव के समीप हुई, जहां एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने सड़क किनारे खेल रही बच्ची को कुचल दिया। मृतक की पहचान सालिया परवीन के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12:15 बजे सालिया अपने घर के पास खेलते हुए सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान नदी घाट की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक मुख्य सड़क को जाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सरकारी योजनाओं और मुआवजे का आश्वासन सूचना मिलने के बाद टाउन थाना पुलिस, बीडीओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सरकारी योजनाओं के तहत मुआवजा देने और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए तेज रफ्तार और अनियंत्रित बालू ढोने वाले ट्रैक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रैक्टर तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सड़क सुरक्षा और अवैध बालू परिवहन रोकें इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और अवैध बालू परिवहन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और रफ्तार पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।


