शेखपुरा जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं के नामांकन को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को प्रचार वाहन रवाना किए गए। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने समाहरणालय परिसर से इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। जिले के इन विद्यालयों में अभी भी 250 सीटें खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… पठन-पाठन क्षमता 700 छात्राओं की है
जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कुल पठन-पाठन क्षमता 700 छात्राओं की है। इनमें से कक्षा 6 में 250 और कक्षा 9 में 26 छात्राओं के नामांकन के लिए सीटें रिक्त हैं। सदर प्रखंड के लोदीपुर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नौवीं और उससे ऊपर की कक्षाओं में भी पढ़ाई होती है, जबकि अन्य पांच प्रखंडों के विद्यालयों में केवल छठी कक्षा में नामांकन किया जाता है। प्रचार वाहन रवाना करते समय जिलाधिकारी के साथ शिक्षा विभाग के कई अधिकारी, संबंधित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के वार्डन और छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। ये वाहन सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग रवाना किए गए। बालिका की आयु 11 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए
नामांकन के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुसार, छठी कक्षा में प्रवेश के लिए बालिका की आयु 11 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही, संबंधित प्रखंड का निवासी होना अनिवार्य है। इन विद्यालयों में नामांकन के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य श्रेणियों और सामान्य वर्ग की छात्राओं के लिए गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवार से होने की शर्त लागू है। इसके अतिरिक्त, एकल माता की संतान या बिना अभिभावक वाली छात्राओं को भी नामांकन में प्राथमिकता दी जाएगी। समाहरणालय परिसर से प्रचार वाहनों के रवाना होने के बाद, संबंधित स्कूलों के शिक्षकों के दल ने अपने-अपने क्षेत्रों में गांव-गांव जाकर लोगों को नामांकन के लिए प्रेरित करने का अभियान शुरू कर दिया है। शेखपुरा जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं के नामांकन को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को प्रचार वाहन रवाना किए गए। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने समाहरणालय परिसर से इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। जिले के इन विद्यालयों में अभी भी 250 सीटें खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… पठन-पाठन क्षमता 700 छात्राओं की है
जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कुल पठन-पाठन क्षमता 700 छात्राओं की है। इनमें से कक्षा 6 में 250 और कक्षा 9 में 26 छात्राओं के नामांकन के लिए सीटें रिक्त हैं। सदर प्रखंड के लोदीपुर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नौवीं और उससे ऊपर की कक्षाओं में भी पढ़ाई होती है, जबकि अन्य पांच प्रखंडों के विद्यालयों में केवल छठी कक्षा में नामांकन किया जाता है। प्रचार वाहन रवाना करते समय जिलाधिकारी के साथ शिक्षा विभाग के कई अधिकारी, संबंधित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के वार्डन और छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। ये वाहन सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग रवाना किए गए। बालिका की आयु 11 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए
नामांकन के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुसार, छठी कक्षा में प्रवेश के लिए बालिका की आयु 11 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही, संबंधित प्रखंड का निवासी होना अनिवार्य है। इन विद्यालयों में नामांकन के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य श्रेणियों और सामान्य वर्ग की छात्राओं के लिए गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवार से होने की शर्त लागू है। इसके अतिरिक्त, एकल माता की संतान या बिना अभिभावक वाली छात्राओं को भी नामांकन में प्राथमिकता दी जाएगी। समाहरणालय परिसर से प्रचार वाहनों के रवाना होने के बाद, संबंधित स्कूलों के शिक्षकों के दल ने अपने-अपने क्षेत्रों में गांव-गांव जाकर लोगों को नामांकन के लिए प्रेरित करने का अभियान शुरू कर दिया है।


