क्रिकेट मैच के रनआउट को लेकर ऐसा विवाद हुआ, जिसकी वजह से एक अंपायर की जान चली गई।
Cricket Umpire Death in Visakhapatnam: क्रिकेट मैदान पर अक्सर अंपायर्स के फैसले को लेकर खिलाड़ियों के बीच विवाद देखने को मिलता है। लेकिन विशाखापत्तनम में एक लोकल मैच के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि अंपायर की मौत हो गई। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक लोकल मैच खेला जा रहा था। इस दौरान रनआउट को लेकर खिलाड़ियों के बीच विवाद हो गया। मैदान पर दोनों अंपायर्स ने मामला शांत करवा दिया। इस मुकाबले में डोला अजित बाबू और बुडुमुरी चिरंजीवी अंपायरिंग कर रहे थे।
दर्शक ने दोनों अंपायर्स पर किया हलमा
मैच के दौरान 2 इलाकों के खिलाड़ियों के बीच रन-आउट के फैसले को लेकर बहस छिड़ गई। इस दौरान दर्शक भी मैदान पर आ गए। हालांकि दोनों अंपायर्स ने सूझबूझ से मामला सुलझा लिया। लेकिन एक दर्शक गुस्से में अंपायर्स को गाली देने लगा। सर्किल इंस्पेक्टर ने बताया, “दोनों अंपायर्स (अजित बाबू और चिरंजीवी) ने बीच-बचाव किया और मैदान पर ही मामला सुलझा लिया। हालाँकि, दर्शकों में से एक कांता किशोर गुस्सा हो गया और अंपायरों के साथ साथ खिलाड़ियों को गालियाँ देने लगा।”
पुलिस के मुताबिक आरोपी 26 साल के कांता किशोर ने बाद में अंपायरों को मामला सुलझाने के लिए अलग जगह बुलाया। मैच खत्म होने के बाद अजित बाबू, चिरंजीवी और कुछ दोस्त वहां पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद फिर से बहस होने लगी। इसी दौरान किशोर ने अचानक चाकू निकाला और दोनों अंपायरों पर हमला कर दिया। किशोर ने अजित बाबू के सीने में चाकू मारा, जिससे वो वहीं गिर गए। जान बचाकर भाग रहे चिरंजीवी को भी चोटें आईं और खून बहने लगा। इस दौरान किशोर ने एक और आदमी पर हमला किया, जो बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा था।
भाई ने लगाया ये आरोप
घायलों को एक लोकल अस्पताल ले जाया गया। अजित बाबू की हालत बिगड़ने पर उन्हें अपोलो अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अजित बाबू के भाई ने आरोप लगाया है कि शराब के नशे में कांता किशोर ने हत्या को अंजाम दिया। अजित बाबू के पिता के शिकायत के आधार पर पुलिस ने किशोर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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