जामताड़ा नगर पंचायत बोर्ड की पहली बैठक सोमवार को हंगामे के कारण शुरू होने से पहले ही स्थगित कर दी गई। यह बैठक सुबह 11 बजे नगर पंचायत अध्यक्ष और नव-निर्वाचित वार्ड पार्षदों की उपस्थिति में होनी थी, लेकिन नियमों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। जानकारी के अनुसार, बैठक में अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के साथ उनके कई रिश्तेदार और प्रस्तावक भी शामिल होना चाहते थे। इस पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खण्डेत ने आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नियमों के तहत बोर्ड बैठक में केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही शामिल होने की अनुमति है। कार्यपालक पदाधिकारी की इस आपत्ति के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। अध्यक्ष सहित कई वार्ड पार्षदों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया और कक्ष से बाहर निकल गए। इसके परिणामस्वरूप, बैठक शुरू होने से पहले ही स्थगित करनी पड़ी। सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार किया कुछ वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके प्रस्तावक और समर्थक भी बैठक में शामिल होना चाहते थे, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी ने उन्हें रोक दिया, जिससे असंतोष बढ़ा। पार्षदों का कहना था कि यह उनकी गरिमा और अधिकारों का मामला है, इसलिए उन्होंने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार किया। दूसरी ओर, कार्यपालक पदाधिकारी ने अपने पक्ष में कहा कि उन्होंने केवल नियमानुसार कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड की आधिकारिक बैठकों में केवल अधिकृत जनप्रतिनिधियों की ही उपस्थिति वैध होती है और किसी बाहरी व्यक्ति को अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटनाक्रम के बाद नगर पंचायत की पहली बैठक बिना किसी निर्णय के ही स्थगित हो गई। अब अगली बैठक की तिथि जल्द घोषित किए जाने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वहीं, मिहिजाम नगर परिषद की पहली बैठक सफल रही और वार्ड पार्षद समिति उपाध्यक्ष अध्यक्ष ने बोर्ड की बैठक में नगर परिषद की साफ सफाई पेयजल की व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा की गई। फुटपाथ में लगाए जा रहे दुकानों पर चिंता जाताई। इस पर कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद फुटपाथ में लगाने वाले दुकानदारों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जामताड़ा नगर पंचायत बोर्ड की पहली बैठक सोमवार को हंगामे के कारण शुरू होने से पहले ही स्थगित कर दी गई। यह बैठक सुबह 11 बजे नगर पंचायत अध्यक्ष और नव-निर्वाचित वार्ड पार्षदों की उपस्थिति में होनी थी, लेकिन नियमों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। जानकारी के अनुसार, बैठक में अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के साथ उनके कई रिश्तेदार और प्रस्तावक भी शामिल होना चाहते थे। इस पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खण्डेत ने आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नियमों के तहत बोर्ड बैठक में केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही शामिल होने की अनुमति है। कार्यपालक पदाधिकारी की इस आपत्ति के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। अध्यक्ष सहित कई वार्ड पार्षदों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया और कक्ष से बाहर निकल गए। इसके परिणामस्वरूप, बैठक शुरू होने से पहले ही स्थगित करनी पड़ी। सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार किया कुछ वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके प्रस्तावक और समर्थक भी बैठक में शामिल होना चाहते थे, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी ने उन्हें रोक दिया, जिससे असंतोष बढ़ा। पार्षदों का कहना था कि यह उनकी गरिमा और अधिकारों का मामला है, इसलिए उन्होंने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार किया। दूसरी ओर, कार्यपालक पदाधिकारी ने अपने पक्ष में कहा कि उन्होंने केवल नियमानुसार कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड की आधिकारिक बैठकों में केवल अधिकृत जनप्रतिनिधियों की ही उपस्थिति वैध होती है और किसी बाहरी व्यक्ति को अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटनाक्रम के बाद नगर पंचायत की पहली बैठक बिना किसी निर्णय के ही स्थगित हो गई। अब अगली बैठक की तिथि जल्द घोषित किए जाने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वहीं, मिहिजाम नगर परिषद की पहली बैठक सफल रही और वार्ड पार्षद समिति उपाध्यक्ष अध्यक्ष ने बोर्ड की बैठक में नगर परिषद की साफ सफाई पेयजल की व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा की गई। फुटपाथ में लगाए जा रहे दुकानों पर चिंता जाताई। इस पर कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद फुटपाथ में लगाने वाले दुकानदारों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


