औरंगाबाद में स्कूलों की सफाई करने वाले कर्मियों के वेतन भुगतान में देरी हो रही है। इसको लेकर समाहरणालय में कर्मियों ने प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पिछले 6 महीने से मासिक वेतन नहीं मिला है। इस कारण आर्थिक परेशानी हो गई है। कर्मियों ने कहा कि बहाली करीब 2 साल पहले एक आउटसोर्सिंग एजेंसी से की गई थी। तब से नियमित रूप से स्कूलों में सफाई कर रहे थे। हमें हमारे रुपए नहीं मिल रहे हैं। प्रशासन को लिखित आवेदन दिया है, एजेंसी पर आरोप लगाए हैं। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। तय समय से ज्यादा काम कराया जाता है आवेदन में कहा गया है कि संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी की ओर से लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन वेतन भुगतान के मामले में टालमटोल की जा रही है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने कई बार एजेंसी और संबंधित अधिकारियों से अपनी समस्या को लेकर गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे निर्धारित समय से अधिक काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त समय का कोई भुगतान नहीं किया जाता। इससे उनमें आक्रोश और बढ़ गया है। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके बकाया वेतन का जल्द भुगतान कराया जाए और दोषी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कर्मियों को एजेंसी से रखा गया है जिले के अधिकांश विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए कर्मियों की नियुक्ति एजेंसियों के माध्यम से की गई है। हालांकि कुटुंबा समेत कुछ प्रखंडों में कर्मियों को समय पर वेतन मिल रहा है, लेकिन कई क्षेत्रों में भुगतान में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, मजदूरों की शिकायत के बाद जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। औरंगाबाद में स्कूलों की सफाई करने वाले कर्मियों के वेतन भुगतान में देरी हो रही है। इसको लेकर समाहरणालय में कर्मियों ने प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पिछले 6 महीने से मासिक वेतन नहीं मिला है। इस कारण आर्थिक परेशानी हो गई है। कर्मियों ने कहा कि बहाली करीब 2 साल पहले एक आउटसोर्सिंग एजेंसी से की गई थी। तब से नियमित रूप से स्कूलों में सफाई कर रहे थे। हमें हमारे रुपए नहीं मिल रहे हैं। प्रशासन को लिखित आवेदन दिया है, एजेंसी पर आरोप लगाए हैं। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। तय समय से ज्यादा काम कराया जाता है आवेदन में कहा गया है कि संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी की ओर से लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन वेतन भुगतान के मामले में टालमटोल की जा रही है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने कई बार एजेंसी और संबंधित अधिकारियों से अपनी समस्या को लेकर गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे निर्धारित समय से अधिक काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त समय का कोई भुगतान नहीं किया जाता। इससे उनमें आक्रोश और बढ़ गया है। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके बकाया वेतन का जल्द भुगतान कराया जाए और दोषी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कर्मियों को एजेंसी से रखा गया है जिले के अधिकांश विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए कर्मियों की नियुक्ति एजेंसियों के माध्यम से की गई है। हालांकि कुटुंबा समेत कुछ प्रखंडों में कर्मियों को समय पर वेतन मिल रहा है, लेकिन कई क्षेत्रों में भुगतान में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, मजदूरों की शिकायत के बाद जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।


