राजगीर मलमास मेले की बंदोबस्ती 7.32 करोड़ में हुई:चार राउंड चली नीलामी, भीड़ नियंत्रित करने के लिए जिग-जैग लाइन चौड़ी की जाएगी

राजगीर मलमास मेले की बंदोबस्ती 7.32 करोड़ में हुई:चार राउंड चली नीलामी, भीड़ नियंत्रित करने के लिए जिग-जैग लाइन चौड़ी की जाएगी

राजगीर में अगले महीने राजकीय मलमास मेला आयोजन होने वाला है। जिसकी तैयारी अब जोरों पर है। राजगारी अनुमंडल कार्यालय के सभागार में सोमवार को मेले की सैरात बंदोबस्ती को लेकर डाक की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें संवेदकों के बीच कंपीटीशन देखा गया। राजगीर एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयोजित होने वाले इस मेले के लिए सैरात बंदोबस्ती की सूचना पहले ही प्रकाशित की जा चुकी थी, जिसके तहत आज डाक वक्ताओं की ओर से बोली लगाई गई। 4 राउंड तक चली नीलामी के बाद संजय कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, धनंजय कुमार और अशोक कुमार राय के समूह ने 7 करोड़ 32 लाख 41 हजार रुपए की अधिकतम बोली लगाकर इसे अपने नाम किया। नीलामी के दौरान विपक्षी समूह के रूप में राकेश कुमार और अनिल कुमार थे, जिन्होंने तीसरे राउंड तक 7 करोड़ 32 लाख 21 हजार रुपए की बोली लगाई थी, लेकिन वे पिछड़ गए। भीड़ को मैनेज करने के लिए प्रशासन रहा सतर्क मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को लेकर प्रशासन इस बार काफी सतर्क नजर आ रहा है। मघड़ा में हाल ही में हुई घटना का हवाला देते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि करोड़ों की भीड़ को संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है। डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से एनडीएमए और एसडीएमए की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन कराया जाएगा। इसे बंदोबस्त धारियों के साथ होने वाले इकरारनामा का भी हिस्सा बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन करना न केवल प्रशासन और बंदोबस्तधारी, बल्कि मेले में दुकान लगाने वाले सभी लोगों के लिए भी अनिवार्य होगा।
ब्रह्मकुंड में स्नान को लेकर भी विशेष प्रबंध लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र ब्रह्मकुंड में स्नान को लेकर भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। एसडीओ ने जानकारी दी कि पूरे क्षेत्र का सुरक्षा ऑडिट कराया गया है और पिछले अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग-जैग लाइनों को पहले से अधिक चौड़ा किया जाएगा और बीच-बीच में बफर जोन का निर्माण होगा ताकि दबाव कम रहे। चूंकि मेला भीषण गर्मी में पड़ रहा है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल की व्यापक व्यवस्था और परिसर में मिस्ट फैन (फॉगिंग पंखे) लगाने की योजना बनाई गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की जान-माल पूरी तरह सुरक्षित रहे और वे सुगमता के साथ कुंड स्नान कर सकें। राजगीर में अगले महीने राजकीय मलमास मेला आयोजन होने वाला है। जिसकी तैयारी अब जोरों पर है। राजगारी अनुमंडल कार्यालय के सभागार में सोमवार को मेले की सैरात बंदोबस्ती को लेकर डाक की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें संवेदकों के बीच कंपीटीशन देखा गया। राजगीर एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयोजित होने वाले इस मेले के लिए सैरात बंदोबस्ती की सूचना पहले ही प्रकाशित की जा चुकी थी, जिसके तहत आज डाक वक्ताओं की ओर से बोली लगाई गई। 4 राउंड तक चली नीलामी के बाद संजय कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, धनंजय कुमार और अशोक कुमार राय के समूह ने 7 करोड़ 32 लाख 41 हजार रुपए की अधिकतम बोली लगाकर इसे अपने नाम किया। नीलामी के दौरान विपक्षी समूह के रूप में राकेश कुमार और अनिल कुमार थे, जिन्होंने तीसरे राउंड तक 7 करोड़ 32 लाख 21 हजार रुपए की बोली लगाई थी, लेकिन वे पिछड़ गए। भीड़ को मैनेज करने के लिए प्रशासन रहा सतर्क मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को लेकर प्रशासन इस बार काफी सतर्क नजर आ रहा है। मघड़ा में हाल ही में हुई घटना का हवाला देते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि करोड़ों की भीड़ को संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है। डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से एनडीएमए और एसडीएमए की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन कराया जाएगा। इसे बंदोबस्त धारियों के साथ होने वाले इकरारनामा का भी हिस्सा बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन करना न केवल प्रशासन और बंदोबस्तधारी, बल्कि मेले में दुकान लगाने वाले सभी लोगों के लिए भी अनिवार्य होगा।
ब्रह्मकुंड में स्नान को लेकर भी विशेष प्रबंध लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र ब्रह्मकुंड में स्नान को लेकर भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। एसडीओ ने जानकारी दी कि पूरे क्षेत्र का सुरक्षा ऑडिट कराया गया है और पिछले अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग-जैग लाइनों को पहले से अधिक चौड़ा किया जाएगा और बीच-बीच में बफर जोन का निर्माण होगा ताकि दबाव कम रहे। चूंकि मेला भीषण गर्मी में पड़ रहा है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल की व्यापक व्यवस्था और परिसर में मिस्ट फैन (फॉगिंग पंखे) लगाने की योजना बनाई गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की जान-माल पूरी तरह सुरक्षित रहे और वे सुगमता के साथ कुंड स्नान कर सकें।  

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