दौसा / लालसोट। दौसा जिले में गिरे ओलों ने हजारों किसानों को बर्बाद कर दिया। सबसे ज्यादा नुकसान जायद की फसलों को हुआ। मौसम विभाग ने सात व आठ अप्रेल को जयपुर व भरतपुर संभाग में अनेक जगह मौसम बदलने का अलर्ट जारी किया है। रविवार को अधिकतम तापमान 32.3 व न्यूनतम 18.9 डिग्री दर्ज किया। इधर ओळों से लालसोट के साथ-साथ राहुवास, रामगढ़ पचवारा और निर्झरना तहसील तक देखने को मिला, जहां करीब 50 गांवों के हजारों किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
शनिवार शाम को शुरू हुई ओलावृष्टि का असर रात भर बना रहा। कई गांवों में देर रात फिर से बारिश और ओलों का दौर शुरू हो गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 12 घंटे बाद भी राहुवास तहसील के चक चांदपुर, चांदपुर, मोलाई, नयावास, पालुंदा, रामपुरा कलां और भावता सहित कई गांवों के खेतों में ओले जमे हुए मिले। रविवार सुबह जब किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो वहां ओलों की परत और चारों ओर फसलों की बर्बादी के निशान दिखाई दिए।

ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान सब्जियों की बाड़ियों को हुआ है। तरबूज और खरबूजे की बेलें टूट गई और फल फटकर नष्ट हो गए, इसके साथ ही मिर्च और टमाटर की फसल भी पूरी तरह खराब हो गई। भावता निवासी किसान मीठालाल मीना सहित कई किसानों ने बताया कि उनकी बाड़ियों में पहली फसल आ चुकी थी, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। इसके अलावा सौफ की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार सौंफ की 50 से 70 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई।

पॉलीहाउस में शिमला मिर्च की फसल बर्बाद, 15 लाख की चपत
लवाण उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत शैरसिंह रजवास में आए तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। 30 वर्षीय किसान नंदलाल मीणा की 3 बीघा जमीन में 22 लाख रुपए की लागत से पॉलीहाउस में लगी शिमला मिर्च की फसल चंद मिनटों में बर्बाद हो गई। प्रकृति की इस मार से नंदलाल को करीब 10 से 15 लाख रुपए का सीधा का सीधा नुकसान हुआ है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने फसलों के साथ-साथ पॉलीहाउस के महंगे ढांचे को भी भारी क्षति पहुंचाई है। क्षेत्र के अन्य किसानों की फसलें भी बर्बाद हुई हैं उन्होंने प्रशासन से जल्द गिरदावरी कराने और विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है।

सहायक कृषि अधिकारी लवाण काजल मीणा ने बताया कि जिले में शिमला मिर्च का फसल बीमा नहीं होता है, जबकि सौंफ, टमाटर, नींबू, आम और तरबूज का फसल बीमा होता है। पॉलीहाउस के निर्माण में 22 लाख की कुल लागत में 11 लाख रुपए की सरकारी सहायता शामिल थी तथा पॉलीहाउस का 5 साल का बीमा भी है।
मुआवजा मिलेगाः बैरवा
डिप्टी सीएम डॉ प्रेमचंद बैरवा ने सर्किट हाउस में कहा कि फसलों को हुए नुकसान का गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाया जाएगा। वीआईपी नंबर घोटाले को लेकर पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने 900 नई रोडवेज बसों की खरीद कर उनका संचालन शुरू किया है। इन बसों में महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस सहायता मिल सके। हाईवे पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार किया गया है। प्रदूषण रोकने के लिए ईवी बसें खरीदने पर विचार है।


