मधेपुरा कस्तूरबा विद्यालय में छात्रा की संदिग्ध मौत:परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, ग्रामीणों ने हंगामा किया

मधेपुरा कस्तूरबा विद्यालय में छात्रा की संदिग्ध मौत:परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, ग्रामीणों ने हंगामा किया

मधेपुरा में रविवार की देर रात गर्ल्स हॉस्टल में 8 क्लास की छात्रा की मौत हो गई। मृतका की पहचान संतोषी कुमारी(13) के रूप में हुई है। घटना ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की है। घटना के बाद मृतका के परिजन हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मृतका ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के मझुआ वार्ड संख्या पांच निवासी बबलू शर्मा की बेटी थी। छोटी बहन के साथ स्कूल में रहती थी मृतका संतोषी अपनी छोटी बहन अंशु कुमारी के साथ पिछले दो सालों से इसी स्कूल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई में भी सामान्य रूप से सक्रिय बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, रविवार की रात स्कूल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें छात्राओं ने डांस आदि प्रस्तुतियां दी थीं। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी छात्राओं ने भोजन किया। इसके बाद संतोषी करीब 9.30 बजे अपने कमरे में सोने चली गई थी। उस समय तक उसकी तबीयत पूरी तरह सामान्य थी। किसी तरह की परेशानी की शिकायत नहीं थी। बताया जा रहा है कि सोमवार की तड़के करीब 3 बजे संतोषी के साथ रहने वाली अन्य छात्राओं ने उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने की जानकारी वार्डन को दी। सूचना मिलने के बाद वार्डन मौके पर पहुंची। अन्य छात्राओं से संतोषी के शरीर पर तेल लगाने को कहा। हालांकि, तब तक उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। हॉस्पिटल पहुंचने से पहले संतोषी की मौत इसके बाद आनन-फानन में स्कूल गार्ड की मदद से संतोषी को बाइक पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्वालपाड़ा ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन सुबह 5 बजे स्कूल पहुंटे। संतोषी की मां चुन्नी देवी ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया, वह रविवार को ही अपनी दोनों बेटियों से मिलने स्कूल आई थीं। उस समय संतोषी बिल्कुल स्वस्थ थी। उन्होंने उसे घर ले जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन वार्डन ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया था। परिजन का कहना है कि अगर उस समय बच्ची को घर जाने दिया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। घर की बड़ी बेटी थी संतोषी संतोषी के परिवार में उसकी छोटी बहन अंशु कुमारी (12) और बड़ा भाई मिथुन शर्मा (18) हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। दोनों बहनें बेहतर शिक्षा के लिए इस आवासीय विद्यालय में रह रही थीं। इधर, घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से एक ही वार्डन की तैनाती है। व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। घटनास्थल पर पुलिस तैनात वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। उदाकिशुनगंज के एसडीएम पंकज घोष, बीडीओ परमानंद पंडित सहित अन्य अधिकारी विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से घटना से संबंधित पूरी जानकारी ली है और छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। सभी की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आखिर एक स्वस्थ दिख रही बच्ची की अचानक मौत कैसे हो गई। मधेपुरा में रविवार की देर रात गर्ल्स हॉस्टल में 8 क्लास की छात्रा की मौत हो गई। मृतका की पहचान संतोषी कुमारी(13) के रूप में हुई है। घटना ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की है। घटना के बाद मृतका के परिजन हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मृतका ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के मझुआ वार्ड संख्या पांच निवासी बबलू शर्मा की बेटी थी। छोटी बहन के साथ स्कूल में रहती थी मृतका संतोषी अपनी छोटी बहन अंशु कुमारी के साथ पिछले दो सालों से इसी स्कूल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई में भी सामान्य रूप से सक्रिय बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, रविवार की रात स्कूल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें छात्राओं ने डांस आदि प्रस्तुतियां दी थीं। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी छात्राओं ने भोजन किया। इसके बाद संतोषी करीब 9.30 बजे अपने कमरे में सोने चली गई थी। उस समय तक उसकी तबीयत पूरी तरह सामान्य थी। किसी तरह की परेशानी की शिकायत नहीं थी। बताया जा रहा है कि सोमवार की तड़के करीब 3 बजे संतोषी के साथ रहने वाली अन्य छात्राओं ने उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने की जानकारी वार्डन को दी। सूचना मिलने के बाद वार्डन मौके पर पहुंची। अन्य छात्राओं से संतोषी के शरीर पर तेल लगाने को कहा। हालांकि, तब तक उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। हॉस्पिटल पहुंचने से पहले संतोषी की मौत इसके बाद आनन-फानन में स्कूल गार्ड की मदद से संतोषी को बाइक पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्वालपाड़ा ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन सुबह 5 बजे स्कूल पहुंटे। संतोषी की मां चुन्नी देवी ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया, वह रविवार को ही अपनी दोनों बेटियों से मिलने स्कूल आई थीं। उस समय संतोषी बिल्कुल स्वस्थ थी। उन्होंने उसे घर ले जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन वार्डन ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया था। परिजन का कहना है कि अगर उस समय बच्ची को घर जाने दिया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। घर की बड़ी बेटी थी संतोषी संतोषी के परिवार में उसकी छोटी बहन अंशु कुमारी (12) और बड़ा भाई मिथुन शर्मा (18) हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। दोनों बहनें बेहतर शिक्षा के लिए इस आवासीय विद्यालय में रह रही थीं। इधर, घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से एक ही वार्डन की तैनाती है। व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। घटनास्थल पर पुलिस तैनात वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। उदाकिशुनगंज के एसडीएम पंकज घोष, बीडीओ परमानंद पंडित सहित अन्य अधिकारी विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से घटना से संबंधित पूरी जानकारी ली है और छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। सभी की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आखिर एक स्वस्थ दिख रही बच्ची की अचानक मौत कैसे हो गई।  

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